बाणसागर के मार्कण्डेय घाट में दर्दनाक हादसा! मामी और ममेरे भाई के साथ नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबा 15 वर्षीय किशोर; पर्यटन विभाग की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

मैहर/रामनगर: मध्य प्रदेश के नवनिर्मित मैहर जिले के रामनगर इलाके से एक बेहद दुखद और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ प्रसिद्ध बाणसागर जलाशय के मार्कण्डेय घाट पर नहाने के दौरान एक 15 वर्षीय किशोर गहरे पानी में समा गया और लापता हो गया। घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही स्थानीय रामनगर थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी किशोर का कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस हादसे ने पर्यटन विभाग के अधीन आने वाले इस घाट की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विधिक पोल खोलकर रख दी है।

मामा के घर चारधाम यात्रा के हवन कार्यक्रम में शामिल होने आया था वेद

पारिवारिक सूत्रों और पुलिस से प्राप्त प्राथमिक व आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस हृदयविदारक हादसे का पूरा ब्योरा इस प्रकार है:

  • खुशियों के बीच पसरा मातम: 15 वर्षीय वेद गुप्ता अपने मामा नारायण गुप्ता के घर रामनगर आया हुआ था। मामा के घर पर चारधाम यात्रा के समापन का धार्मिक हवन कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें पूरा परिवार शामिल होने आया था।
  • नहाने के दौरान हुआ हादसा: सुबह करीब 10 बजे वेद गुप्ता अपनी मामी श्रद्धा गुप्ता और ममेरे भाई ऋषभ गुप्ता के साथ मार्कण्डेय घाट पर स्नान करने के लिए उतरा था। इसी दौरान नहाते-नहाते तीनों अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। ऋषभ और श्रद्धा ने तो किसी तरह संघर्ष कर सुरक्षित बाहर कदम रख लिया, लेकिन मासूम वेद गहरे पानी के भंवर में फंसकर लापता हो गया।

गोताखोरों और मछुआरों के भरोसे चलता रहा सर्च ऑपरेशन; परिजनों में भारी आक्रोश

इस बेहद संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासनिक लेती-लतीफी को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं:

  1. घंटों इंतजार के बाद पहुँची टीम: परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सुबह 10 बजे के आसपास हुआ था। घटना की विधिक सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, लेकिन लंबे समय तक कोई भी प्रशिक्षित गोताखोर या विशेष बचाव दल मौके पर नहीं पहुँच सका।
  2. पारंपरिक तरीके से खोजबीन: आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीम के सीमित संसाधनों के कारण स्थानीय मछुआरों और गोताखोरों को काम पर लगाया गया। जलाशय में बोट के सहारे बड़े जाल डलवाकर और कांटा (हुक) डालकर वेद की तलाश की विधिक कवायद चलती रही, जबकि पीड़ित पिता अंजनी गुप्ता और अन्य परिजन घाट किनारे खड़े होकर घंटों तक आधुनिक रेस्क्यू टीम का इंतजार करते रहे।

टिकट काउंटर है पर लाइफगार्ड नहीं; पर्यटन विभाग की घोर लापरवाही पर उठे विधिक सवाल

घाट की अव्यवस्था और प्रशासनिक अधिकारियों के बयान —

“यह दर्दनाक हादसा जिस मार्कण्डेय घाट पर हुआ, वह मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग (MP Tourism) के विधिक क्षेत्राधिकार में आता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इसी घाट से बोट के माध्यम से पर्यटकों को प्रसिद्ध ‘सरसी आइलैंड’ ले जाया जाता है, जिसके लिए बकायदा टिकट काउंटर संचालित है और रोज़ाना सैकड़ों सैलानी यहाँ पहुँचते हैं। इसके बावजूद यहाँ न तो कोई प्रशिक्षित लाइफगार्ड तैनात है, न बचाव उपकरण (लाइफ जैकेट/रिंग) हैं और न ही गहरे पानी की चेतावनी देने वाले विधिक बोर्ड लगाए गए हैं। इस बड़ी लापरवाही को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुँचे एसडीएम (SDM) एसपी मिश्रा और अमरपाटन एसडीओपी (SDOP) ख्याति मिश्रा ने विधिक मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय मछुआरों और होमगार्ड के गोताखोरों की मदद से लगातार बाणसागर के बैकवाटर में सर्चिंग की जा रही है। मृतक के पिता अंजनी गुप्ता और प्रत्यक्षदर्शी शंभू गुप्ता सहित पूरे ग्रामीण क्षेत्र ने पर्यटन विभाग पर स्थायी सुरक्षा घेरा और त्वरित आपातकालीन रेस्क्यू टीम तैनात करने की विधिक मांग की है। फिलहाल वेद की सकुशल वापसी की आस में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।”

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