नीमच : मध्य प्रदेश के नीमच शहर से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक कूरियर कंपनी के दफ्तर में घुसकर कर्मचारी पर जानलेवा हमला करने और डेढ़ लाख रुपये लूटने की वारदात का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर विधिक खुलासा कर दिया है. पुलिस तफ्तीश में जो सच सामने आया उसने सबको हैरान कर दिया है— इस पूरी खौफनाक वारदात की विधिक साजिश रचने वाला मास्टरमाइंड कोई बाहरी डकैत नहीं, बल्कि उसी कंपनी का एक मौजूदा कर्मचारी निकला. नौकरी से निकाले जाने की पुरानी खुन्नस और रातों-रात अमीर बनने की सनक में उसने इस वारदात का ताना-बाना बुना था. पुलिस ने घेराबंदी कर मास्टरमाइंड सहित कुल पांच शातिर आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है.

दफ्तर में घुसकर सूरज पर किया था चाकू से जानलेवा हमला
नीमच जिला पुलिस से प्राप्त आधिकारिक व प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, इस दुस्साहसिक लूटकांड का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:
- रात्रिकालीन हमला: बीते 23 मई की रात करीब 9:30 बजे कूरियर कंपनी के कार्यालय में चार अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने अचानक हथियारों के साथ धावा बोल दिया था.
- दहशत का माहौल: आरोपियों ने वहां ड्यूटी पर मुस्तैद कंपनी के कर्मचारी सूरज पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इसके बाद बदमाश दफ्तर की सेफ और काउंटर में रखे नगद 1.5 लाख रुपये समेटकर मौके से रफूचक्कर हो गए थे. इस वारदात से पूरे व्यापारिक इलाके में दहशत फैल गई थी और यह पुलिस के लिए साख का सवाल बन गई थी.
काम में लापरवाही पर निकाला था बाहर, 15 दिन पहले ही लौटा था नौकरी पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश व्यास ने विशेष विधिक टीमों का गठन किया. सायबर सेल और मुखबिरों के नेटवर्क की मदद से जब पुलिस ने जांच की सुई घुमाई, तो कड़ियां सीधे अंदरूनी कर्मचारी से जुड़ गईं:
- खुन्नस में रची डकैती की पटकथा: जांच में सामने आया कि लूट की इस विधिक साजिश का मुख्य सूत्रधार कंपनी का ही कर्मचारी ‘इस्लाम’ है. कुछ समय पहले कंपनी प्रबंधन ने काम में घोर लापरवाही बरतने के कारण इस्लाम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था.
- मंदसौर के गैंग को दी थी इनसाइडर इनफार्मेशन: हालांकि, करीब 15 दिन पहले ही मिन्नतें करने पर प्रबंधन ने उसे दोबारा काम पर रख लिया था, लेकिन इस्लाम के दिल में नौकरी से निकाले जाने का विधिक प्रतिशोध (बदला) सुलग रहा था. कंपनी के कैश और टाइमिंग की पूरी इनसाइडर जानकारी रखने वाले इस्लाम ने मंदसौर के रहने वाले अपने चार शातिर अपराधियों के साथ मिलकर इस पूरी लूट की योजना को विधिक रूप से अंजाम दिलवाया.
90 हजार रुपये की विधिक बरामदगी; सोहेल, अशरफ और जाहिद सहित 5 आरोपी रिमांड पर
पुलिस की त्वरित सफलता और आरोपियों का क्रिमिनल ट्रैक —
“नीमच पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने प्रेस वार्ता में विधिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि तकनीकी साक्ष्यों (CCTV फुटैज और कॉल डिटेल्स) के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों आरोपियों— सोहेल मंसूरी, अशरफ कुर्रेशी, जाहिद खान, आसिफ और मास्टरमाइंड इस्लाम को विधिक रूप से सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 90 हजार रुपये की नगदी सफलतापूर्वक बरामद कर ली है. माननीय न्यायालय ने सभी आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड (Police Remand) पर सौंप दिया है. फिलहाल विभिन्न थानों से इन बदमाशों का पुराना आपराधिक विधिक रिकॉर्ड (Criminal Record) खंगाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मंदसौर का यह गैंग पूर्व में किन-किन अन्य जिलों की लूट या चोरी की वारदातों में विधिक रूप से लिप्त रहा है.”






