भोपाल: अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित रवींद्र भवन में ‘सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट’ का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस विधिक व व्यापारिक समिट का विधिवत शुभारंभ किया और परिसर में लगाई गई भव्य एमएसएमई प्रदर्शनी तथा ‘ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक’ का उद्घाटन किया। इस राज्य स्तरीय महा-सम्मेलन में प्रदेश के कोने-कोने से आए 2 हजार से अधिक प्रतिष्ठित उद्यमी, नवाचारी स्टार्टअप संचालक, बड़े उद्योगपति और महिला स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने विधिक रूप से हिस्सा लिया।

सिंगल क्लिक से ट्रांसफर हुए करोड़ों रुपये, 7 औद्योगिक क्षेत्रों की रखी गई आधारशिला
समिट के मंच से मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए कई बड़े विधिक वित्तीय आवंटन और शिलान्यास किए:
- करोड़ों की प्रोत्साहन राशि: मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न एमएसएमई (MSME) इकाइयों को 225 करोड़ 19 लाख रुपये और उभरते हुए स्टार्टअप्स को करीब 39 लाख रुपये की विधिक प्रोत्साहन और सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की।
- औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती: राज्य में निवेश और विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सात नए औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअली भूमिपूजन और शुभारंभ किया। इसके साथ ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर विधिक हस्ताक्षर किए गए।
कॉटन और दाल इंडस्ट्री को मिला बूस्ट; 1 साल में दी 11 हजार करोड़ की भारी सब्सिडी
समारोह में उद्यमियों और स्टार्टअप संस्थापकों से सीधा विधिक संवाद करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार की व्यापार-हितैषी नीतियों का ब्योरा साझा किया:
- मंडी शुल्क में विधिक कटौती: सरकार ने कपास (कपास/रूई) पर मंडी शुल्क को विधिक रूप से कम कर दिया है, ताकि बंद पड़ी कॉटन इंडस्ट्री को दोबारा पुनर्जीवित किया जा सके और किसानों को उनकी फसलों का अंतरराष्ट्रीय स्तर का सही विधिक दाम मिल सके। इसी तर्ज पर अरहर और तुअर दाल उद्योगों के लिए भी विशेष विधिक रियायतें लागू की गई हैं।
- महिलाओं के हाथ में कमान: मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष के भीतर मध्य प्रदेश सरकार ने एमएसएमई और स्टार्टअप सेक्टर को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 11,000 करोड़ रुपये की विधिक सब्सिडी वितरित की है। महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की 4 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों का सफल विधिक संचालन महिला उद्यमियों द्वारा किया जा रहा है।
हर जिले में लगेगा उद्योग; 9,300 करोड़ का आया विदेशी निवेश, अगली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ भोपाल में
मुख्यमंत्री का आर्थिक विजन और भावी नीतियां —
“समिट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल विधिक नेतृत्व में भारत वैश्विक विनिर्माण का हब बन रहा है और मध्य प्रदेश भी निवेश और रोजगार के मामले में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। प्रदेश के हर जिले और सुदूर अंचल तक उद्योग स्थापित करना हमारा विधिक संकल्प है। मध्य प्रदेश की मजबूत प्रशासनिक नीतियों के कारण अब तक राज्य में 9,300 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आ चुका है और कई वैश्विक निवेश प्रस्ताव विधिक पाइपलाइन में हैं। सीएम ने मंच से बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की आगामी भव्य ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन राजधानी भोपाल में ही किया जाएगा।
इस एक दिवसीय समिट में विभिन्न सरकारी विभागों और निजी स्टार्टअप्स के 60 से अधिक आकर्षक स्टॉल लगाए गए थे, जहां बायर-सेलर मीट (क्रेता-विक्रेता सम्मेलन) मुख्य आकर्षण रहा. वर्ष 2025-26 के भीतर मध्य प्रदेश को विभिन्न श्रेणियों में 20 प्रतिष्ठित जीआई टैग (GI Tag) प्राप्त हुए हैं, जो प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को विधिक व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएंगे. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उद्योगपति केवल मुनाफा नहीं कमाते, बल्कि हजारों स्थानीय परिवारों को विधिक रोजगार देकर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, और सरकार इस विधिक यात्रा में हर कदम पर उनके साथ खड़ी है.”







