रीवा (ब्यूरो): कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन फॉर्म रद्द होने की चिंगारी अब विंध्य अंचल तक पहुंच गई है। इस फैसले के विरोध में बुधवार को रीवा शहर के व्यस्ततम कॉलेज चौराहे पर कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार हंगामा और उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निर्वाचन आयोग का पुतला फूंका। इस दौरान कॉलेज चौराहे पर तनातनी का माहौल बना रहा, जिसे देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

हलफनामे में जानकारी छिपाने के आरोप पर कटा बवाल
एनएसयूआई के इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा मुख्य रूप से नामांकन निरस्त करने के तरीके को लेकर था:
- यह है पूरा विवाद: कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था। स्क्रूटनी (जांच) के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष उनके चुनावी हलफनामे (Affidavit) को लेकर एक आपत्ति दर्ज कराई गई।
- पर्चा हुआ खारिज: आपत्ति में आरोप लगाया गया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने हलफनामे में एक पुराने मामले या नोटिस की जानकारी छिपाई है। इसी आपत्ति को आधार मानते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन फॉर्म तत्काल प्रभाव से रद्द (रिजेक्ट) कर दिया, जिसके बाद से पूरी कांग्रेस लॉबी भड़की हुई है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है भाजपा: पंकज उपाध्याय
NSUI जिला अध्यक्ष का तीखा हमला —
“यह कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफा और राजनैतिक द्वेष से प्रेरित है। भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग विपक्षी उम्मीदवारों को टारगेट कर रहा है। बिना किसी ठोस वैधानिक आधार के और बिना सुधार का मौका दिए गांधीवादी नेता मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज करना लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। छात्र संगठन इस दमनकारी नीति के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और यह आंदोलन कॉलेज से लेकर पूरी सड़क तक जारी रहेगा।”
प्रदर्शन के दौरान मुस्तैद रही पुलिस, विंध्य में अलर्ट
चूंकि कॉलेज चौराहा रीवा का सबसे मुख्य और संवेदनशील शैक्षणिक हब माना जाता है, इसलिए पुतला दहन की भनक लगते ही सिविल लाइन और विश्वविद्यालय थाने की पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच पुतला छीनने को लेकर हल्की झूमाझटकी भी हुई, लेकिन एनएसयूआई कार्यकर्ता अंततः पुतला फूंकने में कामयाब रहे। रीवा के अलावा सतना और मैहर में भी कांग्रेस और युवा संगठन इस मुद्दे को लेकर उग्र आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं, जिससे पूरे अंचल में सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं।






