मैहर (अमरपाटन): मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और पारिवारिक रंजिश का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। किरहाई बंधा टोला में 7 जून की मध्यरात्रि को हुई अधेड़ पतीराम कोल की बेरहमी से हत्या के पीछे ‘जादू-टोने’ का शक और बेटी की शादी टूटने का डर था। पुलिस ने इस अमानवीय हत्याकांड का त्वरित खुलासा करते हुए तीन नाबालिगों समेत 6 आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि मृतक का सगा छोटा भाई (जो इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार है) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

बीमार होने और शादी रुकवाने का था अंधविश्वास
अमरपाटन पुलिस की तफ्तीश में जो हकीकत सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है:
- तय हुई थी शादी: हिनौता कला निवासी अमित कोल का विवाह फरार आरोपी सीताराम कोल की बेटी काजल से तय हुआ था।
- सगे भाई पर शक: इसी बीच काजल की तबीयत खराब रहने लगी। सीताराम और उसके होने वाले दामाद अमित कोल को यह अंधविश्वास हो गया कि उसका सगा बड़ा भाई पतीराम कोल तांत्रिक क्रियाएं (जादू-टोना) कर रहा है। उन्हें यह भी शक था कि पतीराम जानबूझकर इस शादी को रुकवाना चाहता है। इसी खूनी रंजिश के चलते भाई ने ही भाई की मौत का डेथ वारंट लिख दिया।
आधी रात को घर से बाहर बुलाकर सिर पर किया टांगी से वार
पुलिस के अनुसार, साजिश के तहत 7 जून की रात सभी आरोपी मोटर साइकिलों पर सवार होकर पतीराम कोल के घर पहुंचे।
- पहले गाली-गलौज, फिर हमला: आरोपियों ने पतीराम को सोते से जगाकर घर के बाहर बुलाया। पहले उन पर तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाते हुए विवाद किया गया।
- मौके पर ही मौत: बहस इतनी बढ़ी कि होने वाले दामाद अमित कोल ने आव देखा न ताव, पास में रखी धारदार टांगी (कुल्हाड़ी) से पतीराम के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। वार इतना सटीक और गहरा था कि पतीराम ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
3 नाबालिग बाल सुधार गृह भेजे गए, मुख्य साजिशकर्ता भाई की तलाश जारी
वारदात की सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना पुलिस ने नाकेबंदी कर त्वरित एक्शन लिया और घटना में प्रयुक्त दो मोटर साइकिलें जब्त करते हुए 6 आरोपियों को दबोच लिया:
गिरफ्तार आरोपियों की सूची —
- अमित कोल (उम्र 19 वर्ष, मुख्य हमलावर)
- अशोक कोल उर्फ भइया (उम्र 42 वर्ष)
- सनत रावत उर्फ छोटू (उम्र 23 वर्ष)
- इनके साथ वारदात में शामिल 3 अन्य नाबालिगों को भी पुलिस ने कस्टडी में लिया है। बालिग आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है, जबकि तीनों नाबालिगों को रीवा के बाल सम्प्रेषण गृह रवाना किया गया है।
पुलिस की अपील और फरार आरोपी की तलाश:
मामले का मुख्य मास्टरमाइंड और मृतक का सगा छोटा भाई सीताराम कोल उर्फ रूपेन्द्र कोल वारदात के बाद से ही जंगलों और संभावित ठिकानों पर छिप रहा है। पुलिस की तीन टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। अमरपाटन पुलिस ने अंचल के नागरिकों से अपील की है कि पारिवारिक विवादों में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के बहकावे में न आएं, यह सिर्फ कानूनी अपराध ही नहीं बल्कि हंसते-खेलते परिवारों को तबाह करने वाला सामाजिक अभिशाप है।







