सिंगरौली: ऊर्जाधानी सिंगरौली को रातों में रोशन रखने और नागरिकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम की महापौर रानी अग्रवाल ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शहर की चरमराई बिजली और प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए महापौर ने विद्युत विभाग के आला अधिकारियों की एक बेहद सख्त समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान महापौर ने वार्डवार स्ट्रीट लाइटों की जमीनी हकीकत जानी और मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी गलियों तक बंद पड़ी लाइटों को तत्काल चालू करने के कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने साफ कहा कि बुनियादी जनसुविधाओं और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महिलाओं और राहगीरों की विधिक सुरक्षा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता
समीक्षा बैठक के दौरान महापौर रानी अग्रवाल ने शहर की आंतरिक और मुख्य विधिक सीमाओं के भीतर प्रकाश व्यवस्था को लेकर निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
- सुरक्षा से समझौता नहीं: महापौर ने मुख्य मार्गों, व्यस्त चौराहों, सार्वजनिक पार्कों और आवासीय कॉलोनियों में हफ्तों से खराब पड़ी लाइटों पर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि रात के वक्त अंचल के नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और राहगीरों की विधिक व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम का पहला दायित्व है।
- अधिकारियों को फील्ड पर उतरने के आदेश: उन्होंने दफ्तरों में बैठे इंजीनियरों को निर्देश दिए कि वे केवल कागजी दावों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं नियमित रूप से वार्डों का सघन भ्रमण कर जमीनी हकीकत का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करें।
बदले जाएंगे जर्जर तार, नए पोल और चौराहों पर लगेंगे हाईमास्ट; बुनियादी ढांचे का तैयार होगा रोडमैप
सिंगरौली शहर के लगातार हो रहे भौगोलिक विस्तार को देखते हुए विद्युत अधोसंरचना को नए सिरे से मजबूत करने की कड़ियां तय की गई हैं:
- तैयार होगा नया प्राक्कलन: महापौर ने तकनीकी अमले को उन सभी क्षेत्रों का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं जहाँ आबादी बढ़ी है। ऐसे क्षेत्रों के लिए नए प्राक्कलन (Estimate) तैयार किए जाएंगे ताकि बजट आवंटन कर काम शुरू कराया जा सके।
- जर्जर लाइनों का कायाकल्प: अंचल के जिन वार्डों में पुरानी केबल और जर्जर तार लटके हुए हैं, उन्हें बदलकर आधुनिक इंसुलेटेड केबल बिछाई जाएगी। साथ ही आवश्यकतानुसार नए विद्युत पोल, अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें और बड़े चौराहों पर हाईमास्ट (High-Mast) लाइटें लगाने के विधिक प्रस्ताव शीघ्र स्वीकृत किए जाएंगे।
त्वरित और स्थायी निराकरण के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम; सहायक यंत्री प्रवीण गोस्वामी सहित पूरा अमला तलब
प्रशासनिक जवाबदेही और जन-शिकायतों का विधिक निवारण —
“महापौर रानी अग्रवाल ने बैठक में स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा प्रकाश व्यवस्था को लेकर की जाने वाली शिकायतों का केवल ‘अस्थायी पैचवर्क’ नहीं होना चाहिए, बल्कि समस्याओं का त्वरित और स्थायी विधिक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उन्होंने एक प्रभावी और केंद्रीकृत मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे हर वार्ड की लाइट की स्थिति पर नजर रखी जा सके।
इस उच्च स्तरीय विधिक समीक्षा बैठक में नगर निगम के सहायक यंत्री (AE) प्रवीण गोस्वामी सहित विद्युत विभाग के संबंधित उपयंत्री (JE) और अन्य विधिक अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। महापौर की इस सख्त हिदायत के बाद अंचल के नागरिकों में यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही शहर के अंधेरे कोने दूधिया रोशनी से सराबोर हो जाएंगे।”







