इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के दो बेहद सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जिसमें पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए कुल चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पहले मामले में जहाँ एक कारोबारी के सगे ड्राइवर ने ही ₹25 लाख से भरा बैग पार कर दिया और फरारी काटने हिल स्टेशन पचमढ़ी जा पहुंचा, वहीं दूसरे गंभीर मामले में बैंकों के एटीएम (ATM) में कैश लोड करने वाली कंपनी के दो कस्टोडियन कर्मचारियों ने करीब ₹40 लाख का गबन कर उसे ऑनलाइन गेमिंग और आईपीएल सट्टे में उड़ा दिया। दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।
गोवा घूमने और महंगे शौक पूरे करने के लिए ड्राइवर ने ही मालिक को दिया ₹25 लाख का चूना
लसूड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस हाई-प्रोफाइल चोरी के मामले की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
- कार से पार किया बैग: 30 जून 2026 को फरियादी कारोबारी मनीष सांगवी की कार से ₹25 लाख की नकदी से भरा एक बैग रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। फरियादी ने अपने निजी ड्राइवर दीपक सोलंकी पर विधिक शक जाहिर करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
- पचमढ़ी से गिरफ्तारी: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के जरिए जाल बिछाया। वारदात के बाद फरार हुआ ड्राइवर दीपक सोलंकी और उसका साथी मोहित उर्फ चिंटू यादव हिल स्टेशन पचमढ़ी में छिपे थे, जिन्हें घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
- मशरूका बरामद: आरोपियों ने कबूला कि वे इस रकम से गोवा घूमने और अपने महंगे शौक पूरे करने वाले थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 24 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई कार सहित कुल 34 लाख रुपये का मशरूका विधिक रूप से जब्त किया है।

अमानत में खयानत! कस्टोडियन निकले धोखेबाज, बैंकों के ₹40 लाख सट्टे और गेमिंग में हारे
इंदौर के दूसरे बड़े मामले में एटीएम मशीनों में कैश पहुंचाने वाली ‘कैश मैनेजमेंट सर्विस कंपनी’ के भीतर चल रहे बड़े फ्रॉड का भंडाफोड़ हुआ है:
- 6 महीने से चल रहा था गबन: बैंकों की चेस्ट ब्रांच से एटीएम में नकदी डालने की जिम्मेदारी संभालने वाले दो कस्टोडियन कर्मचारी अभिषेक राजपूत और दीपक पिछले छह महीनों से धीरे-धीरे रकम गायब कर रहे थे। कंपनी के रूटीन ऑडिट में जब ₹40 लाख का विधिक मिसमैच आया, तो हड़कंप मच गया।
- सट्टे की लत ने बनाया अपराधी: ऑडिट में चोरी पकड़े जाने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने गबन की गई अधिकांश राशि IPL सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग में पूरी तरह गंवा दी है। पुलिस ने उनके पास से फिलहाल ₹2 लाख नकद बरामद किए हैं और उनके बैंक खातों को सीज कर वित्तीय लेनदेन की विधिक जांच शुरू कर दी है।
अपराधियों के खिलाफ इंदौर पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति; रिमांड पर कड़ाई से पूछताछ जारी
प्रशासनिक मुस्तैदी और साइबर विंग की विधिक पड़ताल —
“इंदौर जिला पुलिस मुख्यालय के अनुसार, दोनों ही मामलों में आरोपियों ने जनता और नियोक्ताओं के ‘भरोसे’ को विधिक रूप से तार-तार किया है. लसूड़िया पुलिस और संबंधित थाना टीमें गिरफ्तार चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर ले चुकी हैं.
पुलिस कप्तानों का कहना है कि एटीएम गबन मामले में आरोपियों के अन्य वित्तीय खातों की फॉरेंसिक और डिजिटल जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सट्टे का नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा था. इंदौर पुलिस ने व्यापारियों और निजी कंपनियों से विधिक अपील की है कि वे अपने कस्टोडियन, ड्राइवरों या नकदी संभालने वाले कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन (चरित्र सत्यापन) जरूर करवाएं, ताकि इस तरह के विधिक विश्वासघात से बचा जा सके.”







