इंदौर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार: बोले— “BLO पूरी चुनाव व्यवस्था की आधारशिला और रीढ़ हैं”, मध्य प्रदेश के ‘वोटर लिस्ट’ अभियान को देश के लिए बताया रोल मॉडल

इंदौर: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार शनिवार को मध्य प्रदेश की व्यापारिक और सांस्कृतिक राजधानी इंदौर के विशेष संगठनात्मक दौरे पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर प्रशासनिक और निर्वाचन अमले द्वारा किए गए भव्य विधिक स्वागत के बाद उन्होंने अहिल्या नगरी इंदौर आगमन को अपने लिए एक बड़ा सौभाग्य बताया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस महत्वपूर्ण दौरे का मुख्य विधिक उद्देश्य जमीनी स्तर पर चुनाव व्यवस्था को संचालित करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) से सीधा संवाद स्थापित करना और राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की बारिकियों की समीक्षा करना रहा।

लता मंगेशकर सभागृह में महामंथन; जमीनी अमले की प्रतिबद्धता से ही मजबूत होता है लोकतंत्र

दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इंदौर के प्रतिष्ठित लता मंगेशकर सभागृह में आयोजित एक उच्च स्तरीय बीएलओ बैठक में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने निम्नलिखित कड़ियों को साझा किया:

  • बीएलओ चुनाव आयोग का चेहरा: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीएलओ (Booth Level Officers) चुनाव आयोग की पूरी विधिक व्यवस्था की “आधारशिला” और रीढ़ हैं। एक-एक मतदाता का नाम शुद्धता से जोड़ने, फर्जी नामों को हटाने और सूची को अपडेट रखने का सबसे कठिन व महत्वपूर्ण कार्य यही अमला करता है।
  • पारदर्शिता का सबसे बड़ा विधिक आधार: उन्होंने कहा कि देश में निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने की पहली विधिक जिम्मेदारी बीएलओ की मेहनत और प्रतिबद्धता पर ही टिकी होती है, जिसके कारण भारत का लोकतंत्र पूरी दुनिया में सीना ताने खड़ा है।

मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और जिला अफसरों की पीठ थपथपाई; देश के अन्य राज्यों को दी प्रेरणा

सूबे में चल रहे मतदाता सूची के आधुनिकीकरण और शुद्धिकरण के कार्यों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने खुले मंच से तारीफ की:

  1. सराहनीय रहा पुनरीक्षण अभियान: ज्ञानेश कुमार ने मध्य प्रदेश में वर्तमान में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की विधिक कड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO MP) के कुशल नेतृत्व में संभागायुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) ने जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट विधिक समन्वय का परिचय दिया है।
  2. देश के लिए रोल मॉडल: उन्होंने इस अभियान को पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय विधिक आदर्श (Model) बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश ने जिस कार्यकुशलता से मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन बनाने का प्रयास किया है, उससे देश के अन्य राज्यों को भी बड़ी प्रेरणा मिलेगी।

ओंकारेश्वर और महेश्वर के धार्मिक दौरे पर रवाना होंगे मुख्य निर्वाचन आयुक्त; 5 जुलाई को दिल्ली वापसी

प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी आधिकारिक विधिक कड़ियाँ —

“इंदौर में बीएलओ और निर्वाचन से जुड़े वरिष्ठ विधिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न करने के बाद, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मालवा-निमाड़ अंचल के प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की ओर जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है.

आधिकारिक प्रोटोकॉल के अनुसार, वे भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और मां नर्मदा के तट पर स्थित ऐतिहासिक नगरी महेश्वर का विधिक व धार्मिक दौरा करेंगे. इसके बाद, आगामी 5 जुलाई को इन धार्मिक स्थलों का भ्रमण पूरा कर वे पुनः इंदौर लौटेंगे और यहाँ से विमान द्वारा देश की राजधानी दिल्ली के लिए विधिक रूप से रवाना होंगे। उनके इस दौरे से अंचल के पूरे प्रशासनिक और चुनावी अमले में आगामी विधिक चुनौतियों को लेकर एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।”

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