दतिया: मध्य प्रदेश की सियासत के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अंचल में अपना चुनावी अभियान पूरी आक्रामकता के साथ तेज कर दिया है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने दतिया में आयोजित एक विशाल कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन के जरिए कांग्रेस ने न केवल अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया, बल्कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में जोश फूंकते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ चौतरफा विधिक व राजनीतिक हमला बोला।

ढाई साल पुराना इतिहास दोहराएगी जनता; बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का विधिक संकल्प
कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मंच से कांग्रेस के दिग्गजों ने आगामी चुनावी रणनीति की कड़ियाँ साझा कीं:
- जीतू पटवारी का बड़ा दावा: प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए दावा किया कि कांग्रेस पूरी ताकत और गुटबाजी से ऊपर उठकर एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है। उन्होंने कहा कि दतिया की जनता भाजपा के कुशासन का विधिक जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है और कांग्रेस को दोबारा सेवा का मौका देने का मन बना चुकी है।
- ढाई साल पहले का दिलाया याद: अपने संबोधन में उन्होंने याद दिलाया कि करीब ढाई वर्ष पहले दतिया के जागरूक मतदाताओं ने भाजपा के रसूख को नकारते हुए कांग्रेस पर अपना विधिक भरोसा जताया था। इस उपचुनाव में भी मतदाता लोकतंत्र की रक्षा और जनहित के बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाएंगे।
विंध्य और बुंदेलखंड के दिग्गजों का दतिया में जमावड़ा; डॉ. गोविंद सिंह सहित कई विधायक रहे मौजूद
दतिया विधानसभा की इस जंग को फतह करने के लिए कांग्रेस ने अपने शीर्ष रणनीतिकारों और अंचल के क्षत्रपों को मैदान में झोंक दिया है:
- वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी: सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ-साथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह और ग्वालियर-चंबल अंचल के दिग्गज नेता साहब सिंह गुर्जर मुख्य रूप से विधिक रणनीतियों पर चर्चा करते दिखे।
- विंध्य के विधायकों ने संभाला मोर्चा: सतना से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा और कैलाश कुशवाहा सहित कई पूर्व विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी सम्मेलन में शिरकत की। सभी नेताओं ने एक सुर में कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे चुनाव के अंतिम दिन तक बूथ स्तर पर डटकर काम करें।
दतिया उपचुनाव बना प्रदेश की साख का सवाल; दोनों दलों ने झोंकी विधिक ताकत
चुनावी माहौल और राजनीतिक पंडितों का विधिक विश्लेषण —
“दतिया विधानसभा सीट पर होने वाला यह उपचुनाव प्रदेश की सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए ही साख की विधिक लड़ाई बन चुका है. जहाँ कांग्रेस इस बड़े कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए संगठन की मजबूती और एकजुटता का संदेश देने में काफी हद तक सफल रही है, वहीं भाजपा भी इस विधिक गढ़ को दोबारा हासिल करने के लिए अपनी पूरी घेराबंदी कर रही है.
नेताओं के तूफानी दौरों और तीखे बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में बुंदेलखंड का यह चुनावी रणक्षेत्र और अधिक गर्म होने वाला है. अब अंचल की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस उपचुनाव के विधिक महासंग्राम में दतिया की जनता किसके सिर पर जीत का सेहरा सजाती है।”







