Sign In
/
/
सतना जिला अस्पताल में दुर्लभ प्रसव! 7 माह की गर्भवती महिला ने नॉर्मल डिलीवरी से एक साथ तीन बेटियों को दिया जन्म; नवजात शिशु SNCU में भर्ती

सतना जिला अस्पताल में दुर्लभ प्रसव! 7 माह की गर्भवती महिला ने नॉर्मल डिलीवरी से एक साथ तीन बेटियों को दिया जन्म; नवजात शिशु SNCU में भर्ती

[inb_subtitle]

विज्ञापन

The Khabrilal

Published On: Jun 27, 2026, 8:36 PM IST

Updated On: Jun 27, 2026, 8:37 PM IST

🔗 Link Copied!
🔗 Link Copied!

सतना : सतना जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में बुधवार की देर रात एक बेहद ही विरल और चिकित्सा जगत को अचंभित करने वाला प्रसव का मामला सामने आया है। यहाँ रामवन क्षेत्र के एक ग्रामीण अंचल की रहने वाली 7 माह की गर्भवती महिला ने एक साथ तीन स्वस्थ बच्चियों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया है। इस पूरे मामले की सबसे खास और उल्लेखनीय बात यह रही कि जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी बड़े ऑपरेशन (सिजेरियन) के, महिला की पूरी तरह से सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी (सामान्य प्रसव) कराई। समय से पूर्व (प्रीमैच्योर) जन्म होने और अत्यधिक कम वजन होने के कारण तीनों नवजात बच्चियों को तत्काल गहन उपचार के लिए विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में वेंटिलेटर और विशेषज्ञ निगरानी में रखा गया है।

डॉक्टरों को पहले से था पता, रामवन की प्रियंका के घर गूंजी तीन किलकारियां

जिला अस्पताल के गायनी (स्त्री रोग) विभाग से प्राप्त आधिकारिक व क्लिनिकल जानकारी के अनुसार, इस अनोखे मामले का ब्योरा इस प्रकार है:

  • अस्पताल में हड़कंप और तैयारी: रामवन क्षेत्र के ग्राम सतरी निवासी प्रियंका साकेत (पति दिवाकर साकेत) को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा होने पर उनके परिजनों द्वारा आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों द्वारा की गई पूर्व चिकित्सकीय और सोनोग्राफी जांच में यह विधिक रूप से पहले ही साफ हो चुका था कि महिला के गर्भ में तीन शिशु पल रहे हैं, जिसे देखते हुए डॉक्टरों की स्पेशल टीम मुस्तैद की गई थी।
  • विशेषज्ञों की देखरेख में प्रसव: गायनी विभाग की एचओडी (HOD) डॉ. मंजू सिंह के विधिक मार्गदर्शन में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपाक्षी सिंह की क्लिनिकल टीम ने बेहद सूझबूझ से काम लिया। आमतौर पर ऐसे मल्टीपल प्रेग्नेंसी (Multiple Pregnancy) के मामलों में प्रसूता और बच्चों दोनों की जान का भारी जोखिम रहता है, लेकिन डॉक्टरों के सफल प्रयासों से तीनों बच्चियों का जन्म प्राकृतिक तरीके से कराया गया।

डेढ़ घंटे के अंतराल में जन्मीं तीनों बहनें; सबका वजन केवल 1-1 किलोग्राम

बच्चों के जन्म के समय और उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर बाल रोग विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी साझा की है:

  1. जन्म का समय: एसएनसीयू (SNCU) के प्रभारी व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि तीनों बच्चियों का जन्म 24 जून की रात को हुआ। पहली बच्ची का जन्म रात 10:25 बजे, दूसरी बच्ची का जन्म रात 11:45 बजे तथा तीसरी बच्ची का जन्म रात 11:56 बजे हुआ। लगभग डेढ़ घंटे के इस विधिक अंतराल में तीनों बहनों ने दुनिया में कदम रखा।
  2. शारीरिक रूप से गंभीर: चूंकि प्रसव गर्भावस्था के सातवें महीने में ही हो गया, इसलिए बच्चे अत्यधिक प्रीमैच्योर (Premature) और नाजुक हैं। सामान्य नवजात की तुलना में इनका वजन बेहद कम यानी लगभग एक-एक किलोग्राम के आसपास ही दर्ज किया गया है।

सतना जिला अस्पताल में ट्रिपलेट का केस बना चर्चा का विषय; माँ की हालत स्थिर

चिकित्सीय चुनौती और अंचल में कौतूहल का विषय —

“चिकित्सकों के अनुसार, चिकित्सा विज्ञान में एक साथ तीन शिशुओं की गर्भावस्था (Triplet Pregnancy) और उसके बाद बिना किसी सर्जिकल हस्तक्षेप के सफल नॉर्मल प्रसव होना एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल केस माना जाता है। सतना जिला अस्पताल में इससे पहले भी ट्रिपलेट्स के कुछ गिने-चुने मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार डॉक्टरों की त्वरित कार्यप्रणाली की सर्वत्र सराहना हो रही है। डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि कम वजन के कारण बच्चों के फेफड़े और अन्य अंग पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, जिसके कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। इसी विधिक गंभीरता को देखते हुए उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम के साथ एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में शिफ्ट किया गया है, जहाँ चौबीस घंटे दवाइयाँ और कृत्रिम थेरेपी दी जा रही है। राहत की बात यह है कि प्रसूता प्रियंका साकेत की विधिक हालत पूरी तरह से सामान्य और खतरे से बाहर है। अस्पताल परिसर में एक साथ तीन लक्ष्मियों के आगमन की यह खबर पूरे अंचल में भारी कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है।”

होम
MP ब्रेकिंग
Join करें
Join करें
मेन्यू