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90 दिन में पैसा डबल करने का ‘करोड़पति खेल’: रीवा में गोल्ड स्कीम के नाम पर करोड़ों का महा-घोटाला; एसपी ऑफिस पहुंचे रोते-बिलखते पीड़ित

90 दिन में पैसा डबल करने का ‘करोड़पति खेल’: रीवा में गोल्ड स्कीम के नाम पर करोड़ों का महा-घोटाला; एसपी ऑफिस पहुंचे रोते-बिलखते पीड़ित

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The Khabrilal

Published On: Jun 10, 2026, 5:21 PM IST

Updated On: Jun 10, 2026, 5:21 PM IST

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रीवा (ब्यूरो): विंध्य अंचल के रीवा जिले से ठगी और जालसाजी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने ‘हेरा-फेरी’ फिल्म के फर्जीवाड़े को भी पीछे छोड़ दिया है। रीवा, सतना और सीधी जिले के सैकड़ों मासूम लोगों को महज 90 दिनों में निवेश की गई रकम दोगुनी करने और आकर्षक ‘गोल्ड स्कीम’ का लालच देकर करोड़ों रुपये डकारने का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई गंवाने के बाद सोमवार को भारी तादाद में रोते-बिलखते पीड़ित रीवा एसपी (SP) कार्यालय पहुंचे और शिकायती पत्र सौंपकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की गुहार लगाई।

भास्कर हाइलाइट्स: इन मुख्य आरोपियों पर लगा गंभीर जालसाजी का आरोप

पीड़ितों द्वारा पुलिस को सौंपी गई लिखित शिकायत के मुताबिक, इस संगठित ठगी सिंडिकेट को बाणसागर कॉलोनी का एक परिवार और उनके कुछ रसूखदार साथी मिलकर संचालित कर रहे थे। शिकायत में मुख्य रूप से इन नामों का उल्लेख किया गया है:

  • आकिला सुलताना उर्फ नंदा (मुख्य आरोपी, निवासी बाणसागर कॉलोनी)
  • असलम अंसारी (आकिला का पति)
  • अधिवक्ता विकास मिश्रा उर्फ बंटू (सह-आरोपी)
  • आरिफा सुल्ताना (बहन) और अफ़सर अली (बहनोई)

सिक्योरिटी चेक देकर जीता भरोसा, फिर पैसे मांगने पर मिली धमकियां

पुलिस जांच और पीड़ितों के बयानों से इस महा-घोटाले का जो तरीका (Modus Operandi) सामने आया है, वह बेहद शातिराना है:

  1. ऐसे फंसाया जाल में: आरोपियों ने शुरुआत में लोगों को झांसा दिया कि वे एक विशेष गोल्ड और इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाते हैं, जिसमें पैसे लगाने पर ठीक 3 महीने (90 दिन) में रकम डबल हो जाती है। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने बाकायदा उन्हें सिक्योरिटी के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक (Cheques) भी बांटे।
  2. बाउंस हुए चेक, मुख्य आरोपी फरार: तय समय सीमा खत्म होने के बाद जब निवेशकों ने बैंक में चेक लगाए तो वे बाउंस हो गए। पीड़ितों का आरोप है कि अब मूल रकम वापस मांगने पर उनके साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया जा रहा है, बल्कि जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। इसी बीच मुख्य आरोपी पति-पत्नी (आकिला और असलम) अपने घर पर ताला बंद कर शहर से फरार हो चुके हैं।

अकेली महिला से ही ठग लिए 32 लाख रुपए; यूपीआई और चैट बने सबूत

पीड़िता यासमीन अंसारी का दर्द —

“मुझसे अगस्त से अक्टूबर 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में करीब 32 लाख रुपये ऐंठे गए थे। जब मैंने पैसे मांगे तो आरोपी साफ मुकर गए। मेरे पास उन्हें किए गए सभी यूपीआई (UPI) पेमेंट्स के डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट्स, कॉल रिकॉर्डिंग्स और कूट रचित एग्रीमेंट के पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं, जो मैंने पुलिस को सौंप दिए हैं।”

एसपी कार्यालय पहुंचे अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल साइबर सेल और स्थानीय पुलिस को शिकायतों के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर उनकी संपत्तियों को कुर्क करने और बैंक खातों को सीज करने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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