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मैहर-सतना में ANMOL पोर्टल पर गलत डेटा एंट्री पड़ी भारी! 24 ANM और एक CHO को कारण बताओ नोटिस; रोकी जाएगी वेतनवृद्धि

मैहर-सतना में ANMOL पोर्टल पर गलत डेटा एंट्री पड़ी भारी! 24 ANM और एक CHO को कारण बताओ नोटिस; रोकी जाएगी वेतनवृद्धि

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The Khabrilal

Published On: Jul 2, 2026, 11:06 AM IST

Updated On: Jul 2, 2026, 11:06 AM IST

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मैहर/सतना : विंध्य अंचल के मैहर और सतना जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और डिजिटल एंट्री में घोर लापरवाही बरतने का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय ANMOL (अनमोल) पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं और हितग्राहियों की जानकारी दर्ज करने में गंभीर त्रुटि और विधिक लापरवाही बरतने पर 24 एएनएम (ANM) और एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) सहित कुल 25 स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किया गया है। मैहर और सतना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इस डिजिटल लापरवाही को विधिक रूप से अनुशासनहीनता माना है और दोटूक चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों की एक वार्षिक वेतनवृद्धि (Increment) रोकने की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में खुली पोल; रुकी प्रसूताओं की जननी सुरक्षा राशि

प्रशासनिक और विभागीय समीक्षा के दौरान सामने आई गंभीर विसंगतियों का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:

  • अटकी हितग्राहियों की राशि: स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा पोर्टल पर गलत, त्रुटिपूर्ण या अधूरी जानकारी दर्ज करने के कारण अंचल की सैकड़ों पात्र ग्रामीण महिलाओं को ‘जननी सुरक्षा योजना’ (JSY) और ‘प्रसूति सहायता योजना’ (PSY) के तहत मिलने वाली विधिक प्रोत्साहन व सहायता राशि का समय पर भुगतान नहीं हो सका।
  • सीएम हेल्पलाइन में बढ़ा ग्राफ: गरीब महिलाओं के हक की राशि अटकने के कारण मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) में शिकायतों की बाढ़ आ गई, जिससे मैहर और सतना जिले की प्रशासनिक रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। जब वरिष्ठ स्तर पर लंबित शिकायतों की विधिक समीक्षा की गई, तब इस बड़े डिजिटल घपले और लापरवाही का पर्दाफाश हुआ।

3 दिन के भीतर बीएमओ की टिप्पणी के साथ मांगा जवाब; इन उप स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ पर गिरी गाज

सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने इस विधिक आदेश के तहत अंचल के विभिन्न ब्लॉकों के लापरवाह कर्मचारियों की सूची जारी की है:

  1. अंचलवार घेराबंदी: नोटिस प्राप्त करने वालों में मैहर, अमरपाटन, मझगवां, नागौद, उचेहरा, रामपुर बघेलान, रामनगर, कोठी (सोहावल) और सतना शहरी क्षेत्र के विभिन्न उप स्वास्थ्य केंद्रों (SHCs) में पदस्थ अमला शामिल है।
  2. ये नाम प्रमुखता से शामिल: कार्रवाई के दायरे में आईं प्रमुख एएनएम में चन्द्रावती सिंह (मुकुंदपुर, अमरपाटन), प्रीति सिंह (धौरहरा न्यू, अमरपाटन), सरोज गौतम (ओइला, मैहर), पल्लवी शर्मा (रिगरा, मैहर), विमला शुक्ला (अजमाइन, मैहर), वर्षा सिंह (बिजौरा न्यू, रामनगर मैहर) और साक्षी सावनेर (सीएचओ) मुख्य रूप से विधिक लपेटे में हैं। इन्हें तीन दिनों के भीतर अपने खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) की विधिक टिप्पणी के साथ स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।

योजनाओं का लाभ समय पर देना सर्वोच्च प्राथमिकता— सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला

प्रशासनिक कड़ाई और डेटा शुद्धता के विधिक निर्देश —

“सतना और मैहर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने अंचल के सभी डॉक्टरों, बीएमओ और स्वास्थ्य प्रभारियों को कड़े विधिक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि शासकीय पोर्टलों पर प्रविष्टि (Data Entry) करना कोई क्लैरिकल काम नहीं बल्कि एक विधिक जिम्मेदारी है, जिससे गरीब परिवारों का आर्थिक हित जुड़ा होता है।

भविष्य में ऐसी किसी भी तकनीकी या मानवीय विसंगति की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजरों पर भी विधिक गाज गिरेगी। डॉ. शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठी पात्र महिला तक समय सीमा में पहुंचाना विभाग का विधिक दायित्व है और इसमें किसी भी स्तर की तानाशाही या सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

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