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सतना में कानून को ठेंगा बरौंधा से गायब 13 साल की मासूम का मंदिर में कराया बाल विवाह वरमाला और फेरों का वीडियो वायरल होने पर हड़कंप

सतना में कानून को ठेंगा बरौंधा से गायब 13 साल की मासूम का मंदिर में कराया बाल विवाह वरमाला और फेरों का वीडियो वायरल होने पर हड़कंप

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The Khabrilal

Published On: Jul 2, 2026, 11:14 AM IST

Updated On: Jul 2, 2026, 11:14 AM IST

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सतना : मध्य प्रदेश के सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र से एक बेहद झकझोर देने वाला और विधिक व्यवस्था को चुनौती देने वाला मामला सामने आया है। करीब डेढ़ महीने पहले घर से सामान लेने निकली और संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई 13 वर्ष 6 माह की मासूम बच्ची का एक मंदिर में जबरन या बहला-फुसलाकर बाल विवाह (Child Marriage) कराने का सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में छठी कक्षा में पढ़ने वाली यह नाबालिग बच्ची एक युवक को वरमाला पहनाती, फेरे लेती और मांग भरवाती नजर आ रही है। इस गंभीर विधिक मामले के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी पर बड़े विधिक सवाल खड़े हो गए हैं।

11 मई को परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी, दोनों पक्षों की मौजूदगी में कानून की धज्जियां उड़ीं

इस पूरे घटनाक्रम और विधिक लापरवाही की सिलसिलेवार कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • सामान लेने गई और नहीं लौटी: पीड़ित परिजनों ने 11 मई 2026 को बरौंधा थाने में लिखित विधिक शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी साढ़े तेरह साल की बेटी बाजार से सामान लेने गई थी, लेकिन लौटकर नहीं आई। पुलिस ने तब अज्ञात आरोपी के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने (Kidnapping) का विधिक मुकदमा दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली थी।
  • सामूहिक विधिक अपराध: अब सामने आए वीडियो साक्ष्यों से साफ हुआ है कि बच्ची को भगाने के बाद विधिक नियमों को ताक पर रखकर एक मंदिर में उसकी शादी करा दी गई। हैरान करने वाली बात यह है कि इस विधिक रूप से सामाजिक अपराध के दौरान कथित तौर पर वर और वधू, दोनों पक्षों के वयस्क परिजन और मध्यस्थ वहां मौजूद थे और मूकदर्शक बने रहे।

बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष आज होगी पेशी; महिला एवं बाल विकास विभाग आया विधिक एक्शन में

वीडियो वायरल होने और मीडिया में मामला गूंजने के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है:

  1. बयानों के आधार पर तय होगी विधिक दिशा: महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील और विधिक रूप से गंभीर है। उन्होंने बरौंधा थाना प्रभारी (TI) से विधिक चर्चा की है। कानूनन पीड़िता को बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) के समक्ष विधिक रूप से पेश किया जा रहा है, जहाँ मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज किए जाएंगे।
  2. पॉक्सो (POCSO) और बाल विवाह अधिनियम के तहत कार्रवाई: विधिक विशेषज्ञों के अनुसार, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 (Prohibition of Child Marriage Act) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत 14 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ विवाह या किसी भी प्रकार का कृत्य गैर-जमानती और घोर विधिक अपराध है। इस अपराध में शामिल दूल्हा, पंडित, शादी का आयोजन करने वाले माता-पिता और गवाहों सहित सभी सहयोगियों को विधिक रूप से आरोपी बनाया जाएगा, जिसमें 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का विधिक प्रावधान है।

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विंध्य अंचल की सामाजिक चिंता और विधिक संदेश —

“बरौंधा अंचल की इस हृदयविदारक घटना ने सतना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर चल रहे प्रशासनिक व महिला सशक्तिकरण अभियानों की विधिक प्रभावशीलता को कटघरे में खड़ा कर दिया है। छठी क्लास की एक अबोध बच्ची, जिसे हाथ में कलम पकड़नी थी, उसे सामाजिक कुरीतियों और कानूनी अज्ञानता के दलदल में धकेल दिया गया।

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सतना पुलिस अधीक्षक (SP) से मांग की है कि इस विधिक मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी युवक और विवाह में शामिल दोनों पक्षों के विधिक संरक्षकों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, ताकि अंचल में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को बढ़ावा देने वाले असामाजिक तत्वों को एक कड़ा और विधिक दंडात्मक संदेश दिया जा सके।”

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