सतना : मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पिथौराबाद में शासकीय नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही शराब दुकान को लेकर विधिक व सामाजिक विवाद गहरा गया है. अंचल के शैक्षणिक वातावरण की रक्षा और स्कूली बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्थानीय जनपद सदस्य रमेश कुशवाहा उर्फ लालाजी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अधिकारियों की हठधर्मिता और विधिक उदासीनता से क्षुब्ध होकर जनपद सदस्य पोड़ी तिराहा स्थित हनुमान मंदिर के सामने विधिक व शांतिपूर्ण भूख हड़ताल (आमरण अनशन) पर बैठ गए हैं. इस आंदोलन को अंचल के नागरिकों और प्रबुद्ध जनों का भारी जमीनी समर्थन मिल रहा है.

15 दिन पहले दिया था कलेक्टर को अल्टीमेटम, समय सीमा बीतने पर शुरू हुई भूख हड़ताल
जनपद सदस्य रमेश कुशवाहा द्वारा प्रशासन को दिए गए विधिक नोटिस और इस आंदोलन की पृष्ठभूमि इस प्रकार है:
- दिए गए थे 15 दिन: रमेश कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र की मातृशक्ति और प्रबुद्ध नागरिकों के साथ मिलकर ठीक 15 दिन पूर्व सतना जिला कलेक्टर, जिला आबकारी अधिकारी (DEO) और स्थानीय पुलिस चौकी को एक विधिक व विस्तृत ज्ञापन सौंपा था. ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि नियत समय सीमा के भीतर दुकान को विधिक रूप से स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अनशन पर बैठने को विवश होंगे.
- बधिर बना रहा प्रशासन: विडंबना यह है कि शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस जनहितैषी विधिक चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप आज से यह अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ हो गया.
नियमों की खुली अवहेलना: शासकीय स्कूल के पास शराबियों का जमावड़ा; फेंकी जा रही हैं खाली बोतलें
अनशनकारी जनप्रतिनिधि ने आबकारी विभाग के विधिक नियमों (Excise Rules) के उल्लंघन को लेकर गंभीर आरोप मढ़े हैं:
- लोकेशन में विधिक हेरफेर: आरोप है कि उक्त शराब दुकान विधिक रूप से ‘पोड़ी’ गांव के नाम पर स्वीकृत की गई है, लेकिन आबकारी अमले की साठगांठ के चलते इसका अवैध संचालन पिथौराबाद में मुख्य सड़क पर किया जा रहा है.
- शैक्षणिक माहौल हो रहा दूषित: इस दुकान के ठीक सामने विद्युत सब-स्टेशन (Sub-station) मौजूद है और महज कुछ ही दूरी पर शासकीय माध्यमिक विद्यालय (Government Middle School) संचालित है. मुख्य मार्ग पर होने के कारण सुबह से ही यहाँ असामाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है. शराबी स्कूल परिसर के भीतर ही कांच की खाली बोतलें व डिस्पोजल फेंकते हैं और अशोभनीय हरकतें करते हैं, जिससे हमारी बेटियों, राहगीरों और विद्यार्थियों का विधिक व नैतिक मानवाधिकार प्रभावित हो रहा है.
कलेक्टर अनुराग वर्मा से त्वरित विधिक हस्तक्षेप की मांग; मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
अंचल की जनता का संकल्प और प्रशासनिक जवाबदेही —
“पिथौराबाद और पोड़ी अंचल के ग्रामीणों ने इस आंदोलन की विधिक कड़ियों को मजबूत करते हुए कहा कि जब तक आबकारी विभाग इस दुकान को यहाँ से हटाकर किसी गैर-आवासीय क्षेत्र में विधिक रूप से शिफ्ट नहीं करता, तब तक यह भूख हड़ताल समाप्त नहीं होगी.
जनपद सदस्य रमेश कुशवाहा (लालाजी) की बिगड़ती विधिक व शारीरिक स्थिति को देखते हुए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सतना कलेक्टर से तत्काल इस मामले में विधिक हस्तक्षेप करने और आबकारी अमले को दुकान सील करने के विधिक निर्देश जारी करने की पुरजोर मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अनशनकारी जनप्रतिनिधि के स्वास्थ्य को कोई भी विधिक नुकसान पहुंचता है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन और जिला आबकारी विभाग की होगी और इसके खिलाफ समूचा अंचल उग्र विधिक चक्काजाम करने पर विवश होगा.”







