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असहाय महिलाओं के हक पर डाका! सरकारी नौकरी के साथ ले रहीं थीं ‘लाड़ली बहना’ का लाभ, 27 महिला कर्मचारियों से होगी पाई-पाई की वसूली

असहाय महिलाओं के हक पर डाका! सरकारी नौकरी के साथ ले रहीं थीं ‘लाड़ली बहना’ का लाभ, 27 महिला कर्मचारियों से होगी पाई-पाई की वसूली

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The Khabrilal

Updated On: May 23, 2026, 5:38 AM IST

Published On: May 23, 2026, 7:15 AM IST

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भोपाल, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को संबल देने के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। प्रदेश में 27 ऐसी सक्षम महिलाएं चिन्हित की गई हैं जो सरकारी पदों पर कार्यरत हैं, ट्रेजरी से हर महीने बकायदा मोटा वेतन उठा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद ‘शासन की बहना’ बनकर योजना की राशि भी डकार रही हैं। इस खुलासे के बाद अब इन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है।

समग्र आईडी और ट्रेजरी भुगतान के मिलान से खुली पोल

सरकारी नौकरी में रहते हुए गरीब बहनों का हक मारने का यह खेल ज्यादा दिन नहीं चल सका।

  • ऐसे पकड़ाया फर्जीवाड़ा: महिला बाल विकास विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने जब ट्रेजरी से होने वाले शासकीय वेतन भुगतान (Sallary Payment) का मिलान कर्मचारियों की ‘समग्र आईडी’ (Samagra ID) से किया, तो डेटा ट्रैकिंग में यह चौंकाने वाला सच सामने आया।
  • लाखों रुपये बटोरे: शुरुआती जांच के मुताबिक, इन 27 शासकीय महिला कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर अब तक कुल 5 लाख 5 हजार 450 रुपये की राशि अवैध रूप से अपने खातों में प्राप्त कर ली है।

एक ने ‘संबल योजना’ में भी मारा हाथ, विभाग ने मांगी पूरी ‘कुंडली’

जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक महिला कर्मचारी ने लाड़ली बहना के साथ-साथ ‘संबल योजना’ का भी अवैध लाभ उठाया है, जबकि एक अन्य महिला ने संबल योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन लगा रखा था।

मामला उजागर होते ही संबंधित नगरीय निकायों से इन सभी 27 संदिग्ध महिला हितग्राहियों के समग्र आईडी, बैंक डिटेल्स और पात्रता से जुड़े तमाम रिकॉर्ड तलब कर लिए गए हैं। जांच पूरी होते ही इन महिलाओं को अभी तक मिली पूरी धनराशि ब्याज समेत शासन को लौटानी पड़ेगी और विभागीय कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा।

फर्जीवाड़ा करने वाली प्रमुख महिला कर्मचारियों की सूची और वसूली जाने वाली राशि:

ट्रेजरी मिलान में जिन प्रमुख महिला कर्मचारियों के नाम और उनके द्वारा डकारी गई राशि सामने आई है, उनकी सूची इस प्रकार है:

महिला कर्मचारी का नामअवैध रूप से उठाई गई कुल राशि (रुपये में)
नीलू वर्मा₹34,750
सुषमा रजक₹34,750
पुष्पा देवी कोरी₹34,750
प्रगिता सुमन चौधरी₹34,750
प्रियंका श्रीवास्तव₹34,750
सीमा उर्मलिया₹34,750
शिवकांति शुक्ला₹34,750
भागीरथी देवी₹33,500
सुशीला शुक्ला₹33,500
अभिलाषा रजक₹33,500
आरती वर्मा₹28,250
रश्मि कुशवाहा₹26,250 + ₹8,000
विजेता अग्रवाल₹24,500
अमृता शुक्ला₹23,250
आशा वर्मा₹13,000 + ₹20,500
सुमन रमावत₹17,950

आखिर क्यों अपात्र हैं ये महिला कर्मचारी? (योजना के नियम)

लाड़ली बहना योजना के कड़े नियम और शर्तें हैं, जिसके दायरे में सरकारी कर्मचारी किसी भी सूरत में पात्र नहीं हो सकते:

  1. आय सीमा: परिवार की सम्मिलित वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  2. टैक्सपेयर: परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए।
  3. सरकारी नौकरी: परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा, मंडल या निगम में नियमित/स्थायी कर्मचारी या संविदा पर नहीं होना चाहिए।

डीपीओ का बयान: “स्व-घोषणा के कारण हुआ ऐसा, होगी सख्त कार्रवाई”

“फिलहाल 27 खाते संदिग्ध मिले हैं जिनकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। चूंकि लाड़ली बहना योजना के फॉर्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘स्व-घोषणा’ (Self Declaration) और समग्र आईडी आधारित थे, इसलिए जानकारी भरते ही ओटीपी जनरेट हो गया और लाभ मिलने लगा। मुमकिन है कि इन महिलाओं की सरकारी नियुक्ति साल 2023 के बाद हुई हो और इन्होंने अपना लाड़ली बहना का रजिस्ट्रेशन रद्द न कराया हो। जांच रिपोर्ट आते ही वस्तुस्थिति साफ हो जाएगी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

राजीव सिंह, कार्यक्रम अधिकारी (DPO), महिला बाल विकास विभाग

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