भोपाल, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बहुत बड़ी और राहत भरी घोषणा की है। प्रदेश में गेहूं उपार्जन (खरीदी) की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि जिन किसानों ने 23 मई तक अपने स्लॉट बुक करा लिए हैं, सरकार उनसे अब 28 मई तक गेहूं खरीदेगी। सरकार के इस फैसले से उन हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जो केंद्रों पर लंबी कतारों और तकनीकी समस्याओं के कारण परेशान थे।

क्यों लिया गया यह फैसला?
उपार्जन केंद्रों से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि किसानों ने समय पर स्लॉट तो बुक कर लिए हैं, लेकिन केंद्रों पर भारी भीड़, लंबी कतारों, मौसम के मिजाज और ट्रांसपोर्टेशन में हो रही देरी के कारण वे तय समय पर अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे थे। किसानों की इसी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ (CMO) ने तारीख बढ़ाने का निर्णय लिया ताकि कोई भी पंजीकृत किसान अपनी फसल बेचने से वंचित न रह जाए।
₹2625 प्रति क्विंटल की दर से होगा भुगतान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को आश्वस्त किया है कि उन्हें फसल का पूरा और सही दाम मिलेगा:
“वैश्विक चुनौतियों, मौसम और भंडारण जैसी दिक्कतों के बावजूद सरकार ने पुख्ता व्यवस्थाएं की हैं। किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ तय बोनस मिलाकर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सीधे उनके खातों में भुगतान किया जाएगा।”
इस बार 100 लाख मीट्रिक टन का ‘महा-लक्ष्य’
मध्य प्रदेश सरकार इस साल गेहूं खरीदी के अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है:
- पिछले साल का आंकड़ा: बीते वर्ष मध्य प्रदेश में लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की कुल खरीदी की गई थी।
- इस साल का बम्पर लक्ष्य: इस साल सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का महा-लक्ष्य रखा है।
- अब तक की खरीदी: राहत की बात यह है कि प्रदेश में अब तक करीब 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बम्पर खरीदी सफलता पूर्वक की जा चुकी है और बचा हुआ लक्ष्य भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
“हर वर्ग का कल्याण हमारी प्राथमिकता” — सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार किसान, गरीब, महिला और युवा—सभी चारों स्तंभों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह फैसला भी इसी सेवा भावना का हिस्सा है ताकि तपती गर्मी में किसानों को मंडियों में परेशान न होना पड़े।






