सतना/मैहर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के सतना जिले (मैहर क्षेत्र के नजदीक) से एक रूह कंपा देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है। उचेहरा विकासखंड के परसमनिया गांव में जहरीले भोजन (फूड पॉइजनिंग) के कहर ने एक मासूम की जान ले ली। घर की बाड़ी में बनी करेले की सब्जी और बेल का शरबत पीने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की तबीयत इस कदर बिगड़ी कि महज कुछ ही घंटों में 7 साल के बालक की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं, परिवार के तीन अन्य सदस्य अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

देर रात शुरू हुआ उल्टी-दस्त का तांडव, सुबह थम गई सांसें
पीड़ित परिवार के बुजुर्ग बाबूलाल दहिया ने रुंधे गले से बताया कि रात को पूरे परिवार ने बड़े चाव से घर की बाड़ी में उगे करेले की सब्जी, रोटी खाई थी और उसके बाद बेल का शरबत पिया था।
- मासूम ने घर पर ही तोड़ा दम: देर रात अचानक 7 वर्षीय किशुन दहिया को तेज उल्टी-दस्त शुरू हो गए। जब तक सुबह उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की जाती, मासूम ने दम तोड़ दिया।
- तीन लोग गंभीर: परिवार के अन्य सदस्य बाबूलाल (65), शांति बाई (55) और शिवम (12) को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक यह ‘सीवियर डायरिया’ और गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला है, जिसमें 12 वर्षीय शिवम की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
चौंकाने वाला खुलासा: सब्जी पर छिड़का गया था घातक कीटनाशक!
इस रूहानी हादसे के पीछे की वजह जानकर हर कोई हैरान है। उचेहरा बीएमओ (BMO) डॉ. एके राय ने शुरुआती जांच के बाद बताया:
“शुरुआती तफ्तीश में पता चला है कि घर के पीछे लगी बाड़ी में करेले के पौधों पर एक दिन पहले ही बेहद घातक कीटनाशक (Pesticide) का छिड़काव किया गया था। परिवार ने बिना अच्छी तरह धोए और बिना सावधानी बरते इन करेलों को तोड़कर पका लिया, जिससे पूरा खाना साइनाइड जैसा जहर बन गया।”
गांव पहुंची स्वास्थ्य और पीएचई (PHE) की टीमें, अलर्ट जारी
प्रशासनिक अमले ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए परसमनिया गांव में जांच तेज कर दी है:
- सैंपलिंग शुरू: केवल सब्जी ही नहीं, बल्कि बेल के शरबत और कुएं के पानी की भी जांच की जा रही है। पीएचई की टीम ने कुएं के पानी के सैंपल लिए हैं।
- ग्रामीणों को सख्त हिदायत: स्वास्थ्य विभाग ने पूरे गांव में मुनादी कराकर लोगों को पानी उबालकर पीने और फसलों/सब्जियों पर कीटनाशक छिड़कने के तुरंत बाद उनका इस्तेमाल न करने की सख्त चेतावनी दी है।
अपील: बाड़ी की सब्जियां इस्तेमाल करने से पहले रखें ये सावधानी!
- बाड़ी या खेत से तोड़ी गई किसी भी सब्जी को कम से कम 3-4 बार साफ पानी या गुनगुने पानी में धोएं।
- अगर सब्जी पर कोई दवा या कीटनाशक छिड़का गया है, तो कम से कम एक हफ्ते तक उसे तोड़कर न खाएं।
- उल्टी, दस्त या चक्कर आने के लक्षण दिखते ही घरेलू उपचार के भरोसे न बैठें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।







