इंदौर,मध्य प्रदेश: इंदौर क्राइम ब्रांच ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और धमाकेदार कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस से बचने के लिए भाग रहे अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों की स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई, जिसके बाद घेराबंदी कर पुलिस ने पांच शातिर तस्करों को दबोच लिया। इनके पास से एक करोड़ रुपये मूल्य की 1 किलो से अधिक एमडी (MD) ड्रग्स, अवैध हथियार और गाड़ियां बरामद की गई हैं।

सुबह 6 बजे सुपर कॉरिडोर पर फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी
यह पूरी कार्रवाई इंदौर के सुपर कॉरिडोर स्थित टीसीएस (TCS) चौराहे के पास हुई।
- मुखबिर का इनपुट: क्राइम ब्रांच को सटीक सूचना मिली थी कि तस्करों का एक बड़ा गैंग भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स की खेप लेकर इंदौर में घुसने की फिराक में है।
- रफ़्तार का खूनी खेल: सुबह करीब 6 बजे पुलिस ने जब एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो को रोकने का इशारा किया, तो ड्राइवेर ने रफ्तार और बढ़ा दी। पुलिस ने पीछा किया तो हड़बड़ाहट में तस्करों की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कुछ ही दूरी पर अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। इसके बाद मुस्तैद पुलिस टीम ने सभी को मौके पर ही दबोच लिया।
राजस्थान और एमपी का ‘ड्रग्स नेटवर्क’: 5 गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं, जो मिलकर इस काले कारोबार को चला रहे थे। गिरफ्तार तस्करों के नाम इस प्रकार हैं:
- नवीन सोलंकी
- गोविंद वर्मा
- शंकर सिंह
- विक्रम सिंह
- नरेंद्र सिंह
ये आरोपी राजस्थान के झालावाड़ सहित मध्य प्रदेश के उज्जैन, देवास और इंदौर के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
हथियार, कार और बाइक भी बरामद
जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो और आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद हुआ:
- ड्रग्स: 1 किलो से ज्यादा शुद्ध एमडी ड्रग्स (अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹1 करोड़)।
- हथियार: एक अवैध देसी कट्टा और जिंदा कारतूस।
- वाहन: वारदात में इस्तेमाल की जा रही काली स्कॉर्पियो और 2 मोटरसाइकिलें।
नशे के कारोबार पर सरकार का कड़ा हंटर
“पूरे प्रदेश में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता नशे के नेटवर्क को नेस्तनाबूत करना है। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच को यह बड़ी सफलता मिली है।”
— आरके सिंह, एडिशनल पुलिस कमिश्नर, इंदौर
आगे की जांच: प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे पिछले कई महीनों से इंदौर और आसपास के जिलों में एमडी ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब इन्हें रिमांड पर लेकर यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स की यह बड़ी खेप कहाँ से लाई गई थी और इंदौर में इसे किन-किन पैडलर्स को सप्लाई किया जाना था। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।







