मैहर, मध्य प्रदेश: मैहर जिले के देवी जी क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक निजी कंपनी के फिल्टर प्लांट में सुरक्षाकर्मी (गार्ड) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का सीधा आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या (मर्डर) है और वारदात को छिपाने के लिए घटना के वक्त के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी गायब कर दिए गए हैं।

गार्ड रूम में संदिग्ध हालत में मिली लाश
यह पूरी घटना मैहर के देवी जी क्षेत्र स्थित एल एंड टी (L&T) कंपनी के फिल्टर प्लांट की है।
- मृतक की पहचान: मृतक की पहचान 20 वर्षीय जतिन कुशवाहा (पिता तुलसीदास कुशवाहा) निवासी ग्राम बरही ओइला, मैहर के रूप में हुई है, जो यहाँ गार्ड के पद पर तैनात था।
- तनाव का माहौल: शनिवार को जतिन का शव गार्ड रूम के भीतर फंदे से लटका मिला। खबर मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल और थाने पहुंच गए, जिससे इलाके में भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
आखिरी फोन कॉल और गायब सीसीटीवी फुटेज का रहस्य
जतिन की मौत को लेकर परिजनों ने कई ऐसे सवाल उठाए हैं जिन्होंने पुलिस जांच को संदिग्ध बना दिया है:
- टिफिन छोड़कर भागा: मृतक की भाभी सुशीला कुशवाहा ने बताया कि जतिन सुबह ड्यूटी पर था और सुबह 11 बजे खाना खाने घर आया था। तभी उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया, जिसके बाद वह खाना बीच में ही छोड़कर, टिफिन पैक कर तुरंत वापस चला गया।
- डेढ़ बजे तक था सामान्य: दोपहर करीब 1:30 बजे तक जतिन की फोन पर घर वालों से बात हुई थी और वह पूरी तरह सामान्य था।
- फुटेज हुए गायब: परिजनों का दावा है कि घटना दोपहर 2 बजे के बाद हुई है और ठीक उसी समय के बाद का सीसीटीवी फुटेज प्लांट से गायब है। परिजनों का सवाल है कि अगर जतिन ने खुदकुशी की है, तो फुटेज किसने और क्यों गायब किए?
शव रखकर प्रदर्शन, ₹6.10 लाख के मुआवजे पर माना परिवार
आक्रोशित परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख सीएसपी महेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और देर रात तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
- मुआवजे की मांग: परिजन पहले 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े थे।
- समझौता: देर रात कंपनी प्रबंधन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कंपनी द्वारा 6 लाख रुपये मुआवजा और अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये देने की सहमति बनी, जिसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
पुलिस का दावा- “शुरुआती जांच में प्रेम प्रसंग का मामला”
इस पूरे मामले पर पुलिस का एक अलग ही एंगल सामने आया है। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग (Love Affair) से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। कॉल डिटेल्स के आधार पर अंदेशा जताया जा रहा है कि युवक ने किसी युवती से फोन पर बातचीत के दौरान आवेश में आकर अपने कार्यस्थल पर ही फांसी लगा ली।
आगे की कार्रवाई: पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि परिजनों द्वारा उठाए गए ‘गायब सीसीटीवी फुटेज’ के सवाल और कॉल रिकॉर्ड्स सहित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।





