इंदौर | इंदौर क्राइम ब्रांच और विशेष जांच दल (SIT) को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने उज्जैन के महिदपुर निवासी सचिन उर्फ वेदप्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया है, जो इंदौर के रईस बिल्डरों और बड़े कारोबारियों की रेकी कर उनकी पल-पल की लोकेशन और जानकारी जेल में बैठे गैंगस्टर्स तक पहुँचाता था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद गैंग के बेहद सीक्रेट कोड वर्ड्स ‘007’ और ‘LB’ के राज से भी पर्दा उठ गया है।

मुख्य बिंदु
- कोड वर्ड का जाल: आरोपी आपस में बातचीत के लिए सामान्य कॉल के बजाय व्हाट्सएप और सिग्नल ऐप का इस्तेमाल करते थे, जहाँ कोड वर्ड में मैसेज भेजे जाते थे।
- क्या है ‘LB’ और ‘007’ का मतलब?: चैट ग्रुप्स में “LB” का इस्तेमाल सीधे सरगना लॉरेंस बिश्नोई के लिए होता था, जबकि “Zero Zero Seven” (007) कोड वर्ड का इस्तेमाल गैंग के एक्टिव सदस्यों की पहचान गुप्त रखने के लिए किया जाता था।
- करोड़ों की रंगदारी: मशहूर कारोबारी विवेक दम्मानी सहित इंदौर के कई नामी बिल्डरों को वीपीएन (VPN) और इंटरनेशनल नंबरों से धमकाकर करोड़ों रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
- कसरावद जेल से कनेक्शन: गिरफ्तार आरोपी सचिन, जेल में बंद राजपाल चंद्रावत और गैंगस्टर हैरी बॉक्सर के इशारे पर इंदौर में रेकी का जिम्मा संभाल रहा था।
बिल्डरों के ऑफिस और घर की करता था ‘लोकेशन मैपिंग’
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सचिन उर्फ वेदप्रकाश हाल ही में मोटी रकम कमाने के लालच में इस खूंखार गैंग के संपर्क में आया था। वह इंदौर के बड़े रियल एस्टेट कारोबारियों की डेली एक्टिविटी, उनके ऑफिस आने-जाने का समय, गाड़ी का नंबर और उनके घर की रेकी करता था। यह पूरा डेटा कसरावद जेल में बंद राजपाल चंद्रावत के जरिए आगे फॉरवर्ड किया जाता था, जिसके बाद विदेश में बैठे लॉरेंस के गुर्गे इंटरनेट कॉलिंग के जरिए व्यापारियों को मौत का खौफ दिखाकर रंगदारी वसूलते थे।
क्राइम ब्रांच की विशेष एसआईटी (SIT) ने दबोचा
डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी के अनुसार, पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट और मोबाइल डेटा खंगालने के बाद सचिन को हिरासत में लिया है। इससे पहले इस मामले में राजपाल चंद्रावत और सोनू उर्फ रितेश खंगार की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनसे मिली लीड के आधार पर ही सचिन तक पुलिस के हाथ पहुँचे।
देवास और इंदौर के कई सफेदपोश रडार पर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सचिन को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इंदौर, उज्जैन और देवास के कुछ स्थानीय जमीन कारोबारी और सफेदपोश लोग भी इस नेटवर्क को अंदरूनी जानकारी और फंड मुहैया करा रहे थे। पुलिस जल्द ही इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे कर सकती है।
खबर का सारांश
- गिरफ्तार आरोपी: सचिन उर्फ वेदप्रकाश शर्मा (निवासी महिदपुर, उज्जैन)।
- गैंग का कोड वर्ड: ‘LB’ (लॉरेंस बिश्नोई) और ‘007’ (सदस्यों की सीक्रेट आईडी)।
- टारगेट: इंदौर के बड़े बिल्डर्स और कारोबारी (जैसे विवेक दम्मानी)।
- जांच एजेंसी: इंदौर क्राइम ब्रांच और गठित एसआईटी (SIT)।







