मैहर। जिले की ग्राम पंचायत देवरा मोलहाई में एक नाबालिग की शादी की तैयारियां चल रही थीं। घर में शादी का माहौल था, रिश्तेदार जुट चुके थे और रस्में भी शुरू हो चुकी थीं, लेकिन इससे पहले कि नाबालिग के हाथों में मेहंदी सजती, प्रशासन मौके पर पहुंच गया।

अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानून की जानकारी देते हुए समझाइश दी, जिसके बाद शादी रुकवा दी गई। कार्रवाई एसडीएम एसपी मिश्रा के निर्देशन में की गई। मौके पर नायब तहसीलदार संजीव पांडेय, महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी, थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी, एसआई भाग्यचंद कुशराम, प्रधान आरक्षक सुनील बागरी और आरक्षक राजेश यादव मौजूद रहे।

प्रशासनिक टीम ने साफ कहा कि बाल विवाह केवल कानूनन अपराध ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
समझाइश के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि बेटियों की शादी सही उम्र में करें और उन्हें शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें। प्रशासन की इस तत्पर कार्रवाई से एक नाबालिग का भविष्य अंधेरे में जाने से बच गया।







