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उचेहरा के बाबूपुर में बाँस विवाद पर खूनी संघर्ष:एक ही परिवार के दो गुटों में चले लाठी-डंडे 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला,बहुओं और नाती को बेरहमी से पीटा

उचेहरा के बाबूपुर में बाँस विवाद पर खूनी संघर्ष:एक ही परिवार के दो गुटों में चले लाठी-डंडे 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला,बहुओं और नाती को बेरहमी से पीटा

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The Khabrilal

Published On: Jun 15, 2026, 7:33 PM IST

Updated On: Jun 15, 2026, 7:37 PM IST

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उचेहरा/सतना : मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बाबूपुर से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और झकझोर देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ पुश्तैनी अहाते (कोलिया) से महज एक बांस काटने का विरोध करने पर एक ही परिवार के भीतर ऐसा ‘महा-संग्राम’ छिड़ा कि लाठी,डंडे और धारदार हथियार (काटा) सरेआम चलने लगे। इस खूनी खेल में न तो 70 साल की बेबस बुजुर्ग महिला को बख्शा गया और न ही घर की बहुओं को। इतना ही नहीं, वारदात के बाद पुलिसिया कार्रवाई से बचने और पीड़ित परिवार को जेल भिजवाने के लिए आरोपी पक्ष की एक लड़की द्वारा खुद के कपड़े फाड़कर ‘फर्जी उलट केस’ (काउंटर केस) दर्ज कराने की जो डरावनी साजिश रची गई, उसने पूरे प्रशासनिक अमले को चौंका दिया है। उचेहरा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए नए कानून (BNS) के तहत केस दर्ज कर मुख्य आरोपियों की तलाश में रात भर दबिश दी है।

गालियों की बौछार से शुरू हुआ विवाद और फिर सरेराह बहने लगा खून

शनिवार (13 जून 2026) की शाम ठीक 4:00 बजे ग्राम बाबूपुर में हुए इस खूनी तांडव की पूरी इनसाइड स्टोरी और घटनाक्रम इस प्रकार है:

  • बांस चुराने का विरोध: 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला शकुंतला विश्वकर्मा (पति स्व. बल्लभ विश्वकर्मा) के निजी अहाते से आरोपी रणधीर विश्वकर्मा ने जबरन बांस काट लिया था। जब बुजुर्ग मां ने अपना बांस वापस मांगा, तो रणधीर आगबबूला हो गया और मां-बहन की बेहद अश्लील गालियां देने लगा।
  • डंडे-पत्थरों से सामूहिक हमला: विवाद बढ़ते ही रणधीर के समर्थन में मनीष विश्वकर्मा (हाथ में लाठी लहराते हुए), फूलकुमारी और रोशनी विश्वकर्मा भी लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस होकर आ धमके।
  • अपनों के सिर पर किया वार: बीच-बचाव करने दौड़े नाती अंकित विश्वकर्मा, बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा और छोटी बहू अर्चना विश्वकर्मा पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। लाठियों के ताबड़तोड़ वार से अंकित और बहुओं के सिर फट गए और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात के बाद आरोपी मनीष विश्वकर्मा मौके से भाग निकला।

बाहरी विलेन की एंट्री: लोहारौरा का महेश शराब पीकर चमकाने लगा ‘काटा’, प्रीति ने किया पथराव

इस पारिवारिक लड़ाई में तब खौफ और बढ़ गया जब पड़ोसी गांव का एक शातिर बदमाश भी इस खूनी खेल में शामिल हो गया:

  1. सरेआम बहू को लातों से पीटा: विवाद के बीच लोहारौरा निवासी महेश विश्वकर्मा अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर बाबूपुर पहुंचा। उसने सरेआम हाथ में धारदार काटा/दात लहराते हुए पीड़ित परिवार को डराया और बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा पर बेरहमी से लात मार दी।
  2. बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला: इसी दौरान आरोपी रणधीर की बड़ी बेटी प्रीति विश्वकर्मा ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। उसने पीड़ित परिवार के घर की लकड़ी वाली खिड़कियां तोड़ दिए और 70 साल की शकुंतला विश्वकर्मा के ऊपर भारी पत्थर से जानलेवा हमला करने की कोशिश की।

सबसे बड़ा खुलासा: पुलिस को गुमराह करने के लिए अंजलि ने चली ‘फर्जी केस’ की घिनौनी चाल!

जब पीड़ित परिवार की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी सियाशरण विश्वकर्मा और कल्लू विश्वकर्मा बीच-बचाव करने दौड़े, तो आरोपी पक्ष ने खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए एक बेहद घिनौनी और रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश रची:

साजिश का लाइव पर्दाफाश —

“घायल अंकित और बहुओं को तड़पता देख आरोपी रणधीर की छोटी लड़की अंजली विश्वकर्मा ने एक सोची-समझी चाल चली। उसने पुलिस को गुमराह करने और पीड़ित परिवार पर छेड़खानी या गंभीर धाराओं का ‘फर्जी काउंटर केस’ लादने के लिए सरेआम अपने ही कपड़े फाड़ लिए! इसके बाद वह हाथ में डंडा लेकर लहूलुहान अर्चना विश्वकर्मा और उनके परिवार पर यह चिल्लाते हुए झपटी कि ‘तुम सबको जेल भिजवाकर रहूंगी।’ इस स्क्रिप्टेड ड्रामे का मकसद असली वारदात से पुलिस का ध्यान भटकाना था। जाते-जाते आरोपी पूरा घर फूंकने और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।”

उचेहरा पुलिस का कड़ा रुख; घायलों का मेडिकल संपन्न, आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज

बुजुर्ग महिला शकुंतला विश्वकर्मा जब अपनी लहूलुहान बहुओं और नाती को लेकर बदहवास हालत में उचेहरा थाने पहुंची, तो वहां मौजूद कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) संतोष तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला।

पुलिस ने बिना वक्त गंवाए सभी घायलों को प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण (मुलाहजा) के लिए शासकीय अस्पताल भेजा। पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत और चश्मदीद पड़ोसियों के बयानों के आधार पर उचेहरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 0260/2026 दर्ज कर लिया है। उचेहरा पुलिस का साफ कहना है कि अंजलि द्वारा रची गई ‘फर्जी काउंटर केस और कपड़े फाड़ने’ की साजिश की भी फोरेंसिक व तकनीकी जांच की जा रही है, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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