रामनगर (गोरसरी चौराहा): क्षेत्र में सोमवार (15 जून 2026) को बदले मौसम के मिजाज और तेज हवाओं के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। रामनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्ततम गोरसरी चौराहा स्थित एक चाय-नाश्ते और समोसे की दुकान पर अचानक एक भारी-भरकम आम का पेड़ उखड़कर गिर गया। पेड़ गिरने से दुकान पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गई है। पीड़ित दुकानदार बाबूलाल पटेल को इस अचानक आई आपदा से लाखों रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

अचानक चली तेज आंधी, ताश के पत्तों की तरह ढह गई दुकान
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को क्षेत्र में अचानक मौसम खराब हो गया और हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज आंधी चलने लगी। इसी दौरान यह हादसा हुआ:
- जड़ से उखड़ गया पेड़: गोरसरी चौराहे पर सड़क किनारे खड़ा सालों पुराना एक विशालकाय आम का पेड़ तेज हवा के झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर सका और अचानक जड़ से उखड़ गया।
- मच गई अफरा-तफरी: पेड़ सीधे बाबूलाल पटेल की चाय-नाश्ते की दुकान पर जा गिरा। पेड़ गिरते ही दुकान के परखच्चे उड़ गए और भीतर रखा सारा सामान, भट्टी, बर्तन और काउंटर पूरी तरह दबकर नष्ट हो गए। पेड़ गिरते देख चौराहे पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई।

किसी तरह बची लोगों की जान; दुकानदार का सब कुछ हुआ तबाह
चाय-नाश्ते की दुकान होने के कारण आमतौर पर यहाँ ग्राहकों की भीड़ रहती है, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से लोग समय रहते दूर हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हालांकि, पीड़ित दुकानदार बाबूलाल पटेल के लिए यह वज्रपात जैसा है। दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने से उनकी आजीविका का एकमात्र साधन छिन गया है और उन्हें लाखों रुपये की चपत लगी है।
क्षेत्रवासियों ने की प्रशासन से मुआवजे और पेड़ हटाने की मांग
जमीनी स्थिति एवं मांग अपडेट —
“हादसे के बाद गोरसरी चौराहे के स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन और स्थानीय राजस्व अमले से तत्काल राहत की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पटवारी और तहसीलदार को मौके पर भेजकर तत्काल नुकसान का सही आकलन (सर्वे) कराया जाए और प्रभावित गरीब दुकानदार बाबूलाल पटेल को शासन के नियमानुसार उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए, ताकि वह अपनी दुकान को दोबारा खड़ा कर सके।”
इसके साथ ही ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर यातायात और आवागमन को सुचारू करने के लिए गिरे हुए पेड़ की टहनियों को जल्द से जल्द सड़क और मलबे से हटाने की मांग भी स्थानीय प्रशासन से की है।







