सतना में ‘महा-संग्राम’: BJP दफ्तर घेरने पहुंचे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने चलाया वाटर कैनन; अफरा-तफरी में अध्यक्ष वरुण गुर्जर का पैर टूटा, शहर में भारी तनाव

सतना (भरहुत नगर): मध्य प्रदेश के सतना जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक और हंगामेदार खबर सामने आ रही है। सोमवार (15 जून 2026) को सतना में युवा कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला कार्यालय का घेराव करने जा रहे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा चलाए गए वाटर कैनन (पानी की बौछार) और हल्की लाठीचार्ज के बीच बड़ा हादसा हो गया। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और अफरा-तफरी के बीच बैरिकेड फांदने की कोशिश कर रहे युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वरुण गुर्जर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके पैर में मल्टीपल फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।

पेपर लीक और मीनाक्षी नटराजन के मुद्दे पर भड़का गुस्सा

युवा कांग्रेस के इस उग्र आंदोलन और सड़कों पर उतरे जनाक्रोश के पीछे दो सबसे बड़ी वजहें सामने आई हैं:

  • मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की दिग्गज नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तकनीकी आधार पर निरस्त किए जाने को लेकर कांग्रेसियों में भारी आक्रोश है। इसे विपक्ष लोकतंत्र की हत्या बता रहा है।
  • पेपर लीक का मुद्दा: मध्य प्रदेश की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक घोटालों के विरोध में युवा सड़कों पर उतरे। हाथों में काले झंडे, सरकार विरोधी तख्तियां लेकर कार्यकर्ता “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” और “पेपर लीक सरकार होश में आओ” के गगनभेदी नारे लगा रहे थे।

बैरिकेड्स पर पुलिस से सीधी भिड़ंत; सीएसपी और एसडीएम ने संभाला मोर्चा

कार्यकर्ता जैसे ही भरहुत नगर स्थित भाजपा कार्यालय की तरफ बढ़े, वहां पहले से ही अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार था:

  1. धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज के हालात: मौके पर तैनात एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया और सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने का प्रयास किया। जब जोश में आए कार्यकर्ताओं ने लोहे के भारी-भरकम बैरिकेड्स को उखाड़ने और फांदने की कोशिश की, तो पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तीखी झड़प और लात-घूंसे चलने जैसी स्थिति बन गई।
  2. वाटर कैनन का प्रहार: स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने वाटर कैनन चालू कर दिया। पानी की तेज बौछारों के कारण कार्यकर्ता सड़कों पर गिरने लगे। इसी भगदड़ के बीच बैरिकेड के ऊपर से कूदने की कोशिश में वरुण गुर्जर का संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिरकर कराहने लगे।
  3. अस्पताल में भर्ती: साथी कार्यकर्ताओं ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर लहूलुहान और दर्द से तड़प रहे वरुण गुर्जर को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने एक्सरे के बाद उनके पैर की हड्डी टूटने (फ्रैक्चर) की पुष्टि की है और पैर पर प्लास्टर चढ़ाया गया है।

विपक्ष की आवाज दबा रही है सरकार; भरहुत नगर में घंटों जाम रहा ट्रैफिक

राजनीतिक वार-पलटवार —

“अस्पताल पहुंचे युवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप मढ़ते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं के हक की बात करने पर पुलिसिया दमन चक्र चलाया जा रहा है। व्यापमं से लेकर अब तक पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो चुका है, लेकिन सरकार दोषियों को बचाने और आंदोलनकारियों के पैर तोड़ने में व्यस्त है। इस खूनी संघर्ष के चलते वीआईपी इलाके भरहुत नगर में कई घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और राहगीर परेशान होते रहे।”

शाम ढलने के बाद पुलिस ने भारी मशक्कत कर यातायात बहाल कराया। हालांकि, वरुण गुर्जर के घायल होने के बाद सतना कांग्रेस के तमाम बड़े नेता अस्पताल पहुंच गए हैं और आगामी दिनों में इस लाठीचार्ज और वाटर कैनन की कार्रवाई के खिलाफ जिले भर में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

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