भोपाल: भीषण गर्मी, लू और उमस के थपेड़ों से बेहाल मध्य प्रदेश के लोगों के लिए मौसम विभाग ने एक साथ दो बड़ी खबरें जारी की हैं। पहली खबर राहत की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के दक्षिणी राज्यों को तरबतर करते हुए एमपी के दरवाजे पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। दूसरी खबर अलर्ट की है कि मुख्य मानसून की एंट्री से पहले 7 से 10 जून के बीच पूरे प्रदेश में जोरदार प्री-मानसून (Pre-Monsoon) तूफान आने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई संभागों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से विनाशकारी आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

देश में कहाँ तक पहुँचा मानसून?
- 6 जून 2026 की स्थिति: मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए कर्नाटक, पूरे गोवा, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के अधिकांश क्षेत्रों को कवर कर चुका है।
- अनुकूल परिस्थितियां: अगले 48 से 72 घंटों में इसके महाराष्ट्र और तेलंगाना के बाकी बचे हिस्सों को पार करने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।
एमपी में कब होगी मानसून की एंट्री? नोट कर लें तारीख
मौसम एवं पर्यावरण विशेषज्ञ शैलेन्द्र कुमार नायक के विश्लेषण के अनुसार, मानसून वर्तमान में मध्य प्रदेश की सीमा से थोड़ा दक्षिण में है, लेकिन इसकी उत्तरी सीमा बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है।
- मजबूत सिस्टम: 10 जून के बाद एमपी में मानसूनी हवाएं बेहद मजबूत हो जाएंगी।
- एंट्री की तारीख: जून के दूसरे सप्ताह के बाद यानी 15 से 20 जून 2026 के बीच मानसून मध्य प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों (बालाघाट, डिंडोरी, मंडला या शहडोल संभाग) के रास्ते राज्य में आधिकारिक प्रवेश कर जाएगा।
7 से 10 जून का प्री-मानसून वेदर चार्ट: जानें अपने संभाग का हाल
वर्तमान में रीवा के पास से गुजर रही मौसमी द्रोणिका, झारखंड-छत्तीसगढ़-तेलंगाना ट्रफ और उत्तर प्रदेश के चक्रवाती सिस्टम के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भारी नमी आ रही है। इसके कारण अगले 3-4 दिनों में आपके इलाके का मौसम ऐसा रहेगा:
| संभाग / क्षेत्र | मौसम का मिजाज और अलर्ट | मुख्य प्रभावित जिले |
| जबलपुर संभाग | 가장 सक्रिय वर्षा क्षेत्र: दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ अधिकांश जिलों में झमाझम बारिश के आसार। | जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट |
| रीवा एवं शहडोल संभाग | प्रतिदिन घने बादल छाएंगे। 8-10 जून के बीच भारी बारिश और 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी। | रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर |
| भोपाल व नर्मदापुरम संभाग | 7-8 जून को छिटपुट बौछारें, लेकिन 9-10 जून को तेज आंधी-तूफान और बारिश। पारा 2 से 4°C गिरेगा। | भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा |
| सागर संभाग (बुंदेलखंड) | 8 जून से सिस्टम अधिक सक्रिय होगा। गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश के कई दौर चलेंगे। | सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना |
| इंदौर, उज्जैन व ग्वालियर | फिलहाल गर्मी-उमस बनी रहेगी, शाम को स्थानीय बादल चमकेंगे। ग्वालियर-चंबल में 7-8 जून को तेज आंधी संभव। | इंदौर, धार, उज्जैन, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी |
प्रशासन और मौसम विभाग की विशेष चेतावनी: किसान भाई रखें ध्यान
मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वी, दक्षिणी और मध्य मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष रूप से सचेत रहने को कहा है:
“ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में काम करने वाले किसान भाई खराब मौसम या आंधी-बारिश के दौरान खुले आसमान, बिजली के खंभों या बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल भी शरण न लें। तेज हवाओं के चलते कच्चे मकानों और टिनशेड वाले घरों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए वज्रपात के समय सुरक्षित पक्के मकानों के भीतर ही रहें।”







