श्योपुर/भोपाल: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजनों में शामिल होने के बाद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रविवार, 21 जून 2026 की शाम मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) पहुंचीं। कूनो आगमन पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। अपने इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने कूनो के ‘चीता कमांड और कंट्रोल सेंटर’ का सघन अवलोकन किया, जहाँ उन्हें कूनो में मौजूद चीतों की चौबीसों घंटे होने वाली सैटेलाइट मॉनिटरिंग, जीपीएस ट्रैकिंग और सुरक्षा व्यवस्था की लाइव प्रक्रियाओं से रूबरू कराया गया। राष्ट्रपति मुर्मु रविवार की रात कूनो नेशनल पार्क के वीआईपी रेस्ट हाउस में ही विश्राम करेंगी।

देश में चीतों का आंकड़ा पहुंचा 52, कूनो में मौजूद हैं 49 ‘रफ़्तार के राजा’
कमांड और कंट्रोल सेंटर परिसर में ‘प्रोजेक्ट चीता’ (Project Cheetah) की अब तक की प्रगति और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसका राष्ट्रपति ने बारीकी से मुआयना किया:
- चीतों का नया कुनबा: अधिकारियों ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि भारत सरकार और मध्य प्रदेश वन विभाग के अथक प्रयासों से वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 52 हो गई है।
- गांधी सागर में भी गूंज: इन 52 चीतों में से 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में पूरी तरह स्वस्थ और स्वच्छंद रूप से रह रहे हैं, जबकि 3 चीतों को उनके नए आशियाने यानी मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य (Gandhi Sagar Sanctuary) में शिफ्ट किया गया है।
बोत्सवाना से आए चीतों की जानीं गतिविधियां; हर 2 किमी पर बने हैं ‘वॉटर पिट’
राष्ट्रपति ने कूनो के घने जंगलों में वन्यजीवों के सर्वाइवल और उनके लिए की गई बुनियादी सुख-सुविधाओं की भी विस्तृत जानकारी ली:
- बोत्सवाना कनेक्शन: कूनो के मैदानी अमले ने राष्ट्रपति को उन 8 विशेष चीतों की गतिविधियों और सेहत का फीडबैक दिया, जिन्हें राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वयं अपनी बोत्सवाना (Botswana) यात्रा के दौरान रिसीव किया था और बाद में कूनो लाया गया था।
- भीषण गर्मी से बचाव: कूनो प्रबंधन ने बताया कि वन्यप्राणियों को पानी की तलाश में पार्क की सीमा से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए कूनो के जंगलों में हर 2 किलोमीटर की दूरी पर आधुनिक ‘वॉटर पिट’ (कृत्रिम जल स्रोत) बनाए गए हैं, जिनमें टैंकरों और बोरवेल के जरिए आवश्यकतानुसार नियमित पानी भरा जाता है।
जबलपुर सर्किट हाउस में सीएम मोहन यादव ने की भेंट; जीवनदायिनी मां नर्मदा की प्रतिमा की भेंट
संस्कृति और श्रद्धा के स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान —
“श्योपुर रवाना होने से पहले, सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर सर्किट हाउस में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य भेंट की। इस गरिमामयी मुलाकात के दौरान दोनों राजनेताओं के बीच मध्य प्रदेश के जनजातीय विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर आत्मीय संवाद हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे प्रदेशवासियों की ओर से राष्ट्रपति को जीवनदायिनी मां नर्मदा की बेहद खूबसूरत संगमरमर की प्रतिमा भेंट कर उनका आभार जताया। जवाब में राष्ट्रपति मुर्मु ने भी मुख्यमंत्री को ओडिशा की पावन धरा पुरी के सुप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की अलौकिक तस्वीर तथा कोणार्क सूर्य मंदिर के विश्व प्रसिद्ध ‘सूर्य चक्र’ की भव्य प्रतिकृति उपहार स्वरूप प्रदान की।”
राष्ट्रपति मुर्मु अपने इस प्रवास के दौरान कूनो में वन विभाग के शीर्ष वन्यजीव विशेषज्ञों और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग भी करेंगी, जिसमें भारत में चीतों के स्थाई पुनर्स्थापन और उनके कुनबे को आगे बढ़ाने के आगामी रोडमैप पर गंभीर चर्चा होगी।







