दंतेवाड़ा: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में अपने सांगठनिक ढांचे को धार देने के लिए एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। कांग्रेस आलाकमान ने दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर शकील मोहम्मद रिज़वी की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा रविवार, 21 जून 2026 को नई दिल्ली से जारी एक आधिकारिक संगठनात्मक आदेश के माध्यम से इस हाई-प्रोफाइल नियुक्ति की घोषणा की गई। आदेश जारी होने के साथ ही नवनियुक्त अध्यक्ष रिज़वी ने तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार संभाल लिया है।

कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत बड़ा एक्शन
पार्टी के शीर्ष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस अचानक हुए नेतृत्व परिवर्तन के मुख्य रणनीतिक पहलू इस प्रकार हैं:
- बूथ स्तर को मजबूत करने का लक्ष्य: यह बड़ी नियुक्ति कांग्रेस के देशव्यापी ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर सुस्त पड़े संगठन को अधिक सक्रिय, जुझारू और प्रभावी बनाना है।
- रणनीतिक सक्रियता: दंतेवाड़ा जैसे बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आदिवासी बहुल जिले में इस बदलाव को पार्टी की आगामी चुनावी और सांगठनिक तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है।
बस्तर संभाग की राजनीतिक अहमियत; नई कप्तानी के सामने ये होंगी चुनौतियाँ
दंतेवाड़ा जिला छत्तीसगढ़ की सियासत में एक खास वजूद रखता है, जिसके समीकरण पूरे प्रदेश को प्रभावित करते हैं:
- आदिवासी अंचल में पकड़: दंतेवाड़ा, बस्तर संभाग का दिल माना जाता है। यहाँ की स्थानीय राजनीति न केवल क्षेत्रीय बल्कि राज्य स्तरीय सत्ता के समीकरणों को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
- कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल: नए जिला कप्तान शकील मोहम्मद रिज़वी के सामने सबसे पहली और बड़ी चुनौती आपसी गुटबाजी को खत्म कर पुराने और युवा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित करना होगा।
- स्थानीय मुद्दों की धार: बस्तर अंचल के स्थानीय और संवेदनशील मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाकर जनता के बीच कांग्रेस की नीतियों के प्रति खोया जनसमर्थन वापस हासिल करना भी रिज़वी के प्राथमिक एजेंडे में शामिल रहेगा।
घोषणा के बाद दंतेवाड़ा कांग्रेस में जश्न; कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार
सांगठनिक हलकों से प्रतिक्रिया —
“शकील मोहम्मद रिज़वी के नाम पर मुहर लगने के बाद दंतेवाड़ा और जगदलपुर कांग्रेस मुख्यालयों में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच जबरदस्त उत्साह का माहौल है। स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों ने शीर्ष नेतृत्व के इस फैसले का स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि रिज़वी के सांगठनिक अनुभवों का लाभ पूरे जिले को मिलेगा। अब बस्तर के राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए कप्तान किस तरह स्थानीय स्तर पर बीजेपी की रणनीतियों की काट तैयार करते हैं।”







