देवास, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवास की पावन माता टेकरी पर शुक्रवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखों को नम कर दिया, तो कहीं चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। राजस्व विभाग और मंदिर समिति की मौजूदगी में जब माता टेकरी स्थित दोनों मंदिरों की कुल 12 दान पेटियां खोली गईं, तो उनमें से सिर्फ नकदी और आभूषण ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की उम्मीदें, संघर्ष, सपने और अटूट विश्वास की अनूठी कहानियां भी बाहर आईं।

चिट्ठी-1: “पापा को सेठ फिर काम पर बुला लें, उन्हें करोड़पति बना देना मां”
दान पेटियों की गिनती के दौरान लाखों रुपए के नोटों और सिक्कों के बीच कई मन्नत पर्चियां (चिट्ठियां) सामने आईं। इनमें से एक पर्ची में लिखी भावनात्मक प्रार्थना ने सभी का दिल जीत लिया, जिसमें एक श्रद्धालु ने अपनी जिंदगी के सारे दर्द माता रानी के चरणों में सौंपते हुए लिखा था:
“हे मां… तुलजा भवानी, चामुंडा माता… हमारा समय परिवर्तन कर दीजिए। मेरे पापा को सेठ फिर से काम पर बुला लें। उनका काम चालू हो जाए। 2026 में हमारा स्थायी घर बन जाए और पापा को करोड़पति बना दीजिए…।”
यह चिट्ठी बयां करती है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार को आज भी जगदम्बा के दरबार से समय बदलने की कितनी बड़ी उम्मीद है।
चिट्ठी-2: चौथी की मासूम छात्रा की निष्कपट फरियाद— “मां, एग्जाम में पास करा देना”
पर्चियों में सबसे ज्यादा चर्चा और कौतूहल एक छोटी सी बच्ची की मन्नत को लेकर रहा। इस मासूम बच्ची ने अपनी पर्ची में बाकायदा अपने स्कूल का नाम, अपनी कक्षा, माता-पिता का नाम और अपना पूरा परिचय लिखा था। उसने माता रानी से बड़ी ही सरल और निष्कपट भाषा में गुहार लगाते हुए लिखा:
“मां, मुझे एग्जाम में पास करा देना… मुझे चौथी पास करवा देना।”
इस मासूम और निश्छल प्रार्थना को पढ़कर दान पात्र खाली कर रहे अधिकारी और कर्मचारी भी अपनी मुस्कान नहीं रोक पाए।
सात समंदर पार तक आस्था: दान पेटी से निकली कजाकिस्तान की करेंसी
नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर के अनुसार, इस बार दान पेटियों की गणना के दौरान एक बेहद रोचक तथ्य सामने आया। भारतीय रुपयों और आभूषणों के बीच कजाकिस्तान की विदेशी मुद्रा (करेंसी) भी प्राप्त हुई है। इससे यह साफ हो जाता है कि देवास माता टेकरी की महिमा और आस्था केवल मध्य प्रदेश या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि सात समंदर पार विदेशों से आने वाले भक्त भी यहाँ आकर शीश नवाते हैं।

कैलकुलेटर पर टिकीं निगाहें: 4 घंटे चली गिनती, कुल ₹6.30 लाख से अधिक का चढ़ावा
शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ दान राशि की गणना का कार्य दोपहर लगभग 3 बजे तक चला। मंदिर समिति और राजस्व अमले की कड़ी निगरानी में हुई काउंटिंग के बाद यह आंकड़े सामने आए:
| भेंट सामग्री का विवरण | प्राप्त कुल आंकड़े / मूल्य |
| कुल खोली गईं दान पेटियां | 12 पेटियां (दोनों मंदिरों की) |
| कुल प्राप्त नकदी (Cash) | ₹6,30,910 (छह लाख तीस हजार नौ सौ दस रुपए) |
| सिक्कों की कुल हिस्सेदारी | ₹70,000 से अधिक के सिक्के |
| अन्य मूल्यवान भेंट | सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामग्री |
| विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) | कजाकिस्तान देश की मुद्रा |
सुखद संदेश: जहां परेशानियां हैं, वहीं उम्मीद और विश्वास भी कायम है
देवास माता टेकरी की ये दान पेटियां इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि लोग ईश्वर के दर पर सिर्फ पैसा चढ़ाने नहीं आते, बल्कि अपनी जिंदगी का हर सुख-दुख साझा करने आते हैं। कोई बेहतर भविष्य चाहता है, कोई बीमारी से मुक्ति, कोई अपनी डूबी हुई नौकरी तो कोई अपनी मासूम पढ़ाई में सफलता। इन चिट्ठियों ने साबित कर दिया कि आज के इस आधुनिक दौर में भी सनातन संस्कृति और ईश्वर के प्रति इंसानी निष्ठा अडिग है।







