भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक कार्यकाल की जमकर सराहना की है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय देश के इतिहास में एक अत्यंत गौरवशाली और युगांतकारी अवसर है। आधुनिक भारत के शिल्पकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ये 12 साल मात्र एक सरकार के कार्यकाल नहीं हैं, बल्कि यह कालखंड गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, सांस्कृतिक पुनरुत्थान, अंत्योदय के संकल्प की सिद्धि और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण का एक स्वर्णिम अध्याय है।

जवाहरलाल नेहरू का सबसे लंबे समय का रिकॉर्ड टूटा
मुख्यमंत्री ने इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद पर शानदार 12 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार सबसे लंबे समय तक पीएम रहने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
सीएम ने कहा, “साल 2014 में जब देश निराशा, नीतिगत पंगुता और भ्रष्टाचार के दलदल में डूबा हुआ था, तब जनता ने बागडोर मोदी जी के हाथों में सौंपी थी। आज उनके विजनरी नेतृत्व के कारण वैश्विक पटल पर भारत की ऐसी धाक जमी है कि जब भारत बोलता है, तो पूरी दुनिया सुनती है।”
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और दशकों पुराने लंबित मुद्दों का साहसिक समाधान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मोदी सरकार के उन कड़े फैसलों को गिनाया जो कभी असंभव माने जाते थे:
- धारा 370 का खात्मा: जम्मू-कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर ‘एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो विधान’ की विसंगति को हमेशा के लिए खत्म किया गया।
- सांस्कृतिक पुनरुत्थान: 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन का महाकाल लोक और केदारनाथ धाम का जीर्णोद्धार पीएम के सांस्कृतिक संकल्प को दर्शाता है।
- मातृशक्ति को हक: महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत 33 प्रतिशत आरक्षण देना नए भारत के निर्माण में मील का पत्थर है।
समय से पहले मध्य प्रदेश से खत्म हुआ नक्सलवाद; ‘रेड कॉरिडोर’ बना ‘ग्रीन ग्रोथ जोन’
सुरक्षा के मोर्चे पर MP की बड़ी कामयाबी —
मुख्यमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा पर बात करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि देश से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय-सीमा (Dead Line) निर्धारित की गई थी। लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन के चलते मध्य प्रदेश ने इस तय अवधि से पहले ही राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह उखाड़ फेंका है।
बालाघाट और मंडला में अब उद्योगों की बहार:
कभी नक्सलवाद और हिंसा से प्रभावित रहे बालाघाट और मंडला जिलों को अब समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और वहां तेजी से औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। जो इलाके कभी ‘रेड कॉरिडोर’ कहलाते थे, वे अब विकास के ‘ग्रीन ग्रोथ जोन’ बन चुके हैं। इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ की ताकत के दम पर देश का रक्षा निर्यात आज रिकॉर्ड 38,400 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है, जिससे भारत अब दुनिया को फाइटर जेट और मिसाइलें बेचने वाला निर्यातक देश बन गया है।







