देवास/बागली: मध्य प्रदेश के देवास जिले के बागली वन क्षेत्र से एक बेहद कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली बड़ी और हिंसक खबर सामने आई है। बागली परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिनवानी वन क्षेत्र में शनिवार (13 जून 2026) को शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प और अंधाधुंध पथराव में 7 वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि मौके पर मौजूद जेसीबी (JCB) मशीन और कई शासकीय वाहनों को उपद्रवियों ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है।

कमलापुर बीट के भीलआमला गांव में भड़की हिंसा
जमीनी विवाद को लेकर हुई इस हिंसक घटना की क्रोनोलॉजी बेहद चौंकाने वाली है:
- भारी अमले के साथ पहुंची थी टीम: कमलापुर बीट के कक्ष क्रमांक 94, भीलआमला गांव में वन भूमि पर बड़े पैमाने पर किए गए अवैध अतिक्रमण को ढहाने के लिए वन विभाग के पांच अलग-अलग परिक्षेत्रों का अमला और कमलापुर थाने की पुलिस संयुक्त रूप से मौके पर तैनात हुई थी।
- अचानक घेराबंदी कर किया पथराव: प्रशासनिक टीम ने जैसे ही जेसीबी चलाकर अतिक्रमण गिराना शुरू किया, स्थानीय ग्रामीणों ने पहले तो तीखा विरोध दर्ज कराया। लेकिन देखते ही देखते चंद मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई और करीब 100 से अधिक लाठी-डंडों से लैस महिला-पुरुषों की उग्र भीड़ ने चारों तरफ से घेरकर टीम पर पत्थरों की बौछार कर दी।

प्रशासन को पैर खींचने पर किया मजबूर; सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान
अचानक हुए इस पथराव के कारण जंगल और खेतों के बीच सरकारी अमले में भगदड़ मच गई:
- वाहनों के तोड़े शीशे: उग्र भीड़ ने मौके पर खड़ी जेसीबी मशीन और वन विभाग की सरकारी गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उनके शीशे चकनाचूर कर दिए। जान पर बन आते देख पुलिस और वन विभाग की टीम को अतिक्रमण की कार्रवाई को बीच में ही रोककर उलटे पैर पीछे हटना पड़ा।
- घायल वनकर्मियों की सूची: इस खूनी संघर्ष में अपना फर्ज निभा रहे वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज धांधे सहित वनपाल एवं परिक्षेत्र सहायक के.के. परमार गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात; उपद्रवियों की शिनाख्त शुरू
चिकित्सकीय एवं सुरक्षा अपडेट —
“हमले की खबर मिलते ही देवास जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल बागली के लिए रवाना किया गया। सभी घायल 7 वनकर्मियों को तुरंत रेस्क्यू कर कमलापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और चापड़ा स्थित आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सर्जन्स की देखरेख में उनका इलाज जारी है। कुछ कर्मचारियों के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।”

दोषियों पर लगेगा रासुका?
बागली और कमलापुर थाना पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की संगीन धाराओं के तहत अज्ञात व नामजद 100 से अधिक ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस और खुफिया तंत्र वीडियो फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर पत्थरबाजों की पहचान करने में जुटे हैं। वन विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों की गिरफ्तारी के बाद दोबारा और दोगुने बल के साथ वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।







