विदिशा, मध्य प्रदेश: राजनीति में ‘मामा’ के नाम से विख्यात और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक बार फिर बेहद भावुक, जमीन से जुड़ा और सादगीपूर्ण अंदाज सामने आया है। विदिशा के दौरे पर निकले शिवराज सिंह चौहान अचानक सड़क किनारे मनियारी (चूड़ी) की दुकान लगाने वाली एक गरीब स्ट्रीट वेंडर महिला के पास जा पहुंचे। वहां उन्होंने न सिर्फ उस महिला को अपनी सगी बहन बताते हुए उसका हाल-चाल जाना, बल्कि अपनी धर्मपत्नी साधना सिंह के लिए फुटपाथ पर खड़े होकर बड़े चाव से कांच की खूबसूरत चूड़ियां भी खरीदीं।

“बहन, अपनी भाभी के लिए सुंदर सी चूड़ियां निकाल दो!”
यह पूरा वाकया तब घटित हुआ जब शिवराज सिंह चौहान विदिशा की सड़कों पर घूमकर स्ट्रीट वेंडरों से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक महिला वेंडर पर पड़ी जो कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियां बेच रही थी। शिवराज तुरंत उसके पास पहुंचे और आसपास खड़े लोगों से मुस्कुराते हुए बोले, “यह मेरी बहन है, मैं जब भी यहाँ आता हूं, इससे जरूर मिलता हूं।”
इसके बाद उन्होंने महिला से बेहद आत्मीयता से कहा— “बहन, अपनी भाभी (साधना सिंह) के लिए कुछ बहुत सुंदर सी कांच की चूड़ियां निकाल दो।” जब महिला ने उनसे अपनी पसंद बताने को कहा, तो शिवराज ने सादगी से जवाब दिया कि तुम ही पसंद करके दे दो। उन्होंने दुकान से 30 रुपये दर्जन के हिसाब से बिना किसी मोल-भाव के चूड़ियां खरीदीं और तुरंत पैसे चुकाए।
“24 ले लो महिला, शिवराज बोले- 60 रुपये निकालो भाई”
इस मुलाकात के दौरान शिवराज सिंह चौहान और दुकानदार महिला के बीच एक बेहद हल्का-फुल्का और स्नेहपूर्ण संवाद भी देखने को मिला:
- महिला की उदारता: जब चूड़ियां पसंद कर ली गईं, तो दुकानदार महिला ने आदरपूर्वक कहा— “आप 24 चूड़ियां (दो दर्जन) ही ले लो।”
- मामा का बड़ा दिल: इस पर शिवराज सिंह चौहान ने मुस्कुराते हुए अपनी टीम के सदस्य की तरफ इशारा किया और कहा— “भाई, 60 रुपये निकालो (यानी उन्होंने ज्यादा चूड़ियां और ज्यादा पैसे देने पर जोर दिया)।” यह पल वहाँ मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान ले आया।
सोशल मीडिया पर सलाम: “मेरी बहन, आपके स्वाभिमान और जज्बे को प्रणाम!”
इस खूबसूरत मुलाकात की तस्वीरें और बातें खुद शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा कीं। उन्होंने अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोते हुए लिखा:
“आज विदिशा में एक स्ट्रीट वेंडर बहन की दुकान पर कुछ खूबसूरत चूड़ियां दिखीं, तो अपनी धर्मपत्नी के लिए उन्हें लेने से खुद को रोक नहीं पाया। एक भाई के नाते जब अपनी इन बहनों को कड़ी मेहनत कर आत्मनिर्भर बनते देखता हूं, तो मन गर्व से भर जाता है। मेरी बहन, आपके स्वाभिमान और जज्बे को प्रणाम!”
शिवराज सिंह चौहान का यह अंदाज एक बार फिर साबित करता है कि वे भले ही राजनीति के ऊँचे शिखर पर हों, लेकिन उनकी जड़ें आज भी मध्य प्रदेश की जनता और अपनी गरीब बहनों के बीच मजबूती से जमी हुई हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस सादगी और स्ट्रीट वेंडर बहनों के प्रति सम्मान की जमकर तारीफ कर रहे हैं।







