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अफसरों के शाही खर्च पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; हवाई सफर पर इमरजेंसी ब्रेक, करनी होगी कार-पूलिंग; शाम 7 बजे के बाद दफ्तरों में नहीं चलेंगे AC

अफसरों के शाही खर्च पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; हवाई सफर पर इमरजेंसी ब्रेक, करनी होगी कार-पूलिंग; शाम 7 बजे के बाद दफ्तरों में नहीं चलेंगे AC

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The Khabrilal

Published On: Jun 20, 2026, 1:30 PM IST

Updated On: Jun 20, 2026, 1:30 PM IST

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भोपाल: मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों (IAS/SAS) के शाही ठाठ-बाट और फिजूलखर्ची के दिन अब खत्म होने वाले हैं। वैश्विक आर्थिक मंदी के आहट और सूबे पर बढ़ते वित्तीय बोझ के बीच सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने दो बेहद बड़े और कड़े बदलाव लागू किए हैं, जिससे वल्लभ भवन (मंत्रालय) से लेकर जिला कलेक्टोरेट दफ्तरों तक हड़कंप मच गया है। सरकार ने राजस्व की बचत के लिए अफसरों के हवाई दौरों पर जहां इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया है, वहीं दफ्तरों में शाम 7 बजे के बाद एसी-लाइट बंद करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, प्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया है।

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GAD के नए फरमान से क्या-क्या बदल जाएगा? मुख्य गाइडलाइंस:

सरकारी खजाने पर बोझ कम करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए नए आदेश की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • हवाई सफर और दिल्ली-मुंबई दौरों पर रोक: अब छोटी-मोटी पैरवी या केंद्र सरकार के विभागों के चक्कर काटने के नाम पर अफसर बात-बात पर दिल्ली या मुंबई नहीं भाग सकेंगे। राज्य के बाहर की यात्राएं केवल अति-आवश्यक स्थितियों में ही मंजूर होंगी। सचिव (Secretary) स्तर या उससे ऊपर के अफसरों के बाहरी दौरों के लिए अब सीधे मुख्य सचिव (CS) की लिखित मंजूरी अनिवार्य होगी।
  • शाम 7 बजे के बाद ‘पावर कट’: सरकारी महकमों में बिजली का भारी-भरकम बिल घटाने के लिए सभी शासकीय भवनों का ‘एनर्जी ऑडिट’ कराया जाएगा। कार्यालय का समय समाप्त होने के बाद, विशेष रूप से शाम 7 बजे के बाद गैर-जरूरी एसी, लाइट्स, कंप्यूटर, प्रिंटर और लिफ्ट को सख्ती से बंद करना होगा।
  • चमचमाती गाड़ियों का मोह छोड़ना होगा: मंत्रालय के वरिष्ठ अफसरों, जिला कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों (HODs) को अब अपनी व्यक्तिगत शासकीय गाड़ियों का मोह छोड़कर कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग (Car-Pooling) या फिर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का अनिवार्य रूप से उपयोग करना होगा।

UCC पोर्टल पर सुझाव देने वालों के नाम रहेंगे ‘टॉप सीक्रेट’

समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी सरकार ने जनता को बड़ी राहत देते हुए गोपनीयता का नया सिस्टम लागू किया है:

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  1. बढ़ाई गई डेडलाइन: सरकार ने यूसीसी पोर्टल पर सुझाव और राय दर्ज करने की अंतिम तारीख को 15 जून से बढ़ाकर अब 22 जून 2026 कर दिया है।
  2. सीक्रेट कोड से सुरक्षा: नागरिकों द्वारा दिए गए सुझावों को पूर्णतः गोपनीय रखने के लिए पोर्टल पर ‘सीक्रेट कोड’ प्रणाली लागू की गई है। डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है ताकि जनता बिना किसी डर या संकोच के अपनी राय दे सके।
  3. पंचायतों को मिला टारगेट: योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए हर ग्राम पंचायत से कम से कम 10-10 सुझाव अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज कराने का जिम्मा सीधे पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को सौंप दिया गया है।

विदेशी मुद्रा बचाने के लिए माइनिंग फाइलों को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’

आयात खर्च घटाने का विजन —

“आधिकारिक आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश और राज्य की विदेशी मुद्रा बचाने के लिए लीथियम, कोबाल्ट, कॉपर और कोल (कोयला) जैसे अति-महत्वपूर्ण खनिजों की माइनिंग लीज और उनके अप्रूवल से जुड़ी फाइलों को रेड-टेपिज्म (लालफीताशाही) से दूर रखकर सर्वोच्च प्राथमिकता पर तुरंत क्लियर किया जाए, ताकि इन खनिजों के आयात पर होने वाला देश का भारी खर्च बचाया जा सके।”

प्रशासन के इस कड़े रुख से साफ है कि सरकार अब वित्तीय अनुशासन को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में इन नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

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