भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नशे के सौदागरों और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत क्राइम ब्रांच पुलिस को एक बेहद बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक सटीक घेराबंदी कर भारी मात्रा में अवैध गांजा और तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा एक आइशर ट्रक जब्त किया है। बरामद किए गए गांजे, ट्रक और अन्य कीमती सामान सहित कुल मशरूका की कीमत करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपये आंकी गई है। मौके से पुलिस ने एक शातिर तस्कर को भी दबोचा है, जिससे इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए कड़ी पूछताछ की जा रही है।

भास्कर हाइलाइट्स: मुखबिर की सटीक सूचना पर कोलार रोड पर घेराबंदी
क्राइम ब्रांच से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई का घटनाक्रम इस प्रकार है:
- गोल जोड़ तिराहे पर एक्शन: क्राइम ब्रांच की टीम को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोलार रोड स्थित गोल जोड़ तिराहा के पास एक आइशर ट्रक (Eicher Truck) संदिग्ध अवस्था में खड़ा है, जिसमें भारी मात्रा में नशीला पदार्थ छुपाकर लाया गया है।
- चंगुल में आया तस्कर: सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर ट्रक को चारों तरफ से घेर लिया और चालक को हिरासत में लेकर तलाशी शुरू की।
6 बोरियों में ठसा था ₹30 लाख का गांजा; साथ में मिलीं नालको की सिल्लियां
जब पुलिस टीम ने ट्रक के पिछले हिस्से की सघन तलाशी ली, तो वहां छुपाकर रखी गई सामग्री को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए:
- 170 किलो से ज्यादा ड्रग्स बरामद: ट्रक के भीतर से कुल 6 बड़ी प्लास्टिक की बोरियां बरामद हुईं। इन बोरियों को खोलने पर उनमें कुल 170 किलो 90 ग्राम अवैध गांजा मिला। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में इस जब्त गांजे की कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
- NALCO की एल्यूमीनियम सिल्लियां: गांजे के अलावा, पुलिस को उसी ट्रक से 396 एल्यूमीनियम की सिल्लियां (Aluminum Ingots) भी बरामद हुई हैं, जिन पर देश की नामचीन कंपनी ‘NALCO’ अंकित है। पुलिस अब इन सिल्लियों की वैधता और उनके परिवहन से जुड़े कानूनी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है कि कहीं यह भी किसी चोरी या अवैध हेरफेर का हिस्सा तो नहीं हैं।
बड़ा सवाल: गांजे की खेप कहाँ से आई और किसे दी जानी थी?
अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच —
“क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। शुरुआती पूछताछ में इस पूरे मामले के तार एक बड़े अंतरराज्यीय (Interstate) ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की प्रबल आशंका है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स और रूट मैप के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह इतनी बड़ी खेप किस राज्य की सीमा से मध्य प्रदेश में दाखिल हुई और भोपाल सहित अंचल के किन-किन पैडलर्स को इसकी डिलीवरी दी जानी थी।”
राजधानी पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद भोपाल के नशा तस्करों में खौफ का माहौल है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी से मिल रहे इनपुट्स के आधार पर जल्द ही इस काले कारोबार से जुड़े कुछ और बड़े सफेदपोशों और सप्लायर्स की गिरफ्तारियां हो सकती हैं।







