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इंदौर-उज्जैन के बीच सफर होगा और आसान! ₹2935 करोड़ के ‘ग्रीन फील्ड कॉरिडोर’ का भूमिपूजन; सिंहस्थ के श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

इंदौर-उज्जैन के बीच सफर होगा और आसान! ₹2935 करोड़ के ‘ग्रीन फील्ड कॉरिडोर’ का भूमिपूजन; सिंहस्थ के श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

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The Khabrilal

Published On: Jun 20, 2026, 1:27 PM IST

Updated On: Jun 20, 2026, 1:27 PM IST

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इंदौर (सांवेर): मध्य प्रदेश के दो प्रमुख धार्मिक और व्यावसायिक केंद्रों— इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन को बेहद तेज, सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में बहुप्रतीक्षित इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर (Indore-Ujjain Green Field Corridor) का भव्य भूमिपूजन संपन्न हुआ। इस खास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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पितृ पर्वत से शुरू होकर चिंतामन गणेश मंदिर तक बनेगा फोरलेन

इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (Infrastructure Project) की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • लागत और लंबाई: करीब 48 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर लगभग 2935 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किया जा रहा है।
  • कनेक्टिविटी रूट: यह आधुनिक मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होगा और सीधे उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास से जुड़ेगा। इसके बनने से इंदौर एयरपोर्ट से आने वाले बाहरी राज्यों के श्रद्धालु बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे महाकाल की नगरी पहुंच सकेंगे।

MP में पहली बार: किसानों को मिला बाजार दर पर 4 से 8 गुना ज्यादा मुआवजा

इस परियोजना की सबसे खास बात भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया और किसानों को मिला रिकॉर्ड मुआवजा रही, जिसने प्रदेश में एक नया पैमाना सेट किया है:

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  1. प्रभावित भूमि का ब्यौरा: कॉरिडोर के निर्माण के लिए कुल 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।
  2. ऐतिहासिक मुआवजा वितरण: राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को 816 करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की है। मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार पारंपरिक कलेक्टर गाइडलाइन को दरकिनार कर, जमीन की वास्तविक बाजार और बिक्री दरों के आधार पर किसानों को 4 से 8 गुना तक अधिक मुआवजा दिया गया है, जिससे किसानों में बेहद खुशी का माहौल है।

दो जिलों के 28 गांव सीधे जुड़ेंगे; 15 लाख आबादी को मिलेगा बंपर फायदा

क्षेत्रीय विकास और सिंहस्थ 2028 का विजन —

“इस ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण से इंदौर जिले के 20 गांव और उज्जैन जिले के 8 गांव सीधे इस मुख्य मार्ग से लिंक हो जाएंगे। इसके अलावा कॉरिडोर के आसपास के करीब 40 से 50 गांवों की लगभग 15 लाख आबादी को सुगम परिवहन का सीधा लाभ मिलेगा। यह पूरा प्रोजेक्ट आगामी सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान उज्जैन और इंदौर रूट पर बढ़ने वाले अत्यधिक ट्रैफिक दबाव को पूरी तरह से नियंत्रित करने में गेम-चेंजर साबित होगा।”

इस कॉरिडोर के आकार लेने के बाद इंदौर और उज्जैन के बीच की दूरी और यात्रा का समय काफी घट जाएगा, जिससे माल परिवहन (Logistics) और धार्मिक पर्यटन को एक नई रफ्तार मिलेगी।

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