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सतना में साहब का ‘फिल्मी’ अंदाज पड़ा भारी: सरकारी ड्यूटी पर लाइसेंसी बंदूक तानकर पहुंचे उपयंत्री सतीश समेले; वीडियो वायरल होने के बाद जिला पंचायत CEO का बड़ा एक्शन, किए गए सस्पेंड

सतना में साहब का ‘फिल्मी’ अंदाज पड़ा भारी: सरकारी ड्यूटी पर लाइसेंसी बंदूक तानकर पहुंचे उपयंत्री सतीश समेले; वीडियो वायरल होने के बाद जिला पंचायत CEO का बड़ा एक्शन, किए गए सस्पेंड

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The Khabrilal

Published On: Jul 10, 2026, 7:36 PM IST

Updated On: Jul 10, 2026, 7:36 PM IST

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सतना/मझगवां: शासकीय सेवा में अनुशासनहीनता और पद के दुरुपयोग को लेकर सतना जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर विधिक मामला सामने आया है। जिले की जनपद पंचायत मझगवां में पदस्थ उपयंत्री (Sub Engineer) सतीश समेले को सरकारी कार्य के निरीक्षण के दौरान अपनी पर्सनल लाइसेंसी बंदूक साथ ले जाना और उसका फिल्मी अंदाज में वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करना बेहद भारी पड़ गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो की कड़ियाँ वायरल होने और जिला कलेक्टर के कड़े विधिक संज्ञान के बाद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने उपयंत्री को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। इसके साथ ही साहब के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की गहन विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

निरीक्षण के दौरान रौब झाड़ने का लाइव विलेख; कारण बताओ नोटिस में खुद कबूली बात

जनपद पंचायत मझगवां और जिला पंचायत सचिवालय के आधिकारिक विलेखों के अनुसार, इस प्रशासनिक कार्रवाई की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • बंदूक संस्कृति पर तगड़ा प्रहार: उपयंत्री सतीश समेले बीते दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का विधिक निरीक्षण करने पहुंचे थे। लेकिन शासकीय मर्यादा को ताक पर रखकर वे अपने साथ एक बड़ी लाइसेंसी बंदूक लेकर मैदानी स्तर पर रौब झाड़ते नजर आए। इसका बाकायदा एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर चमकाया गया, जिसने प्रशासन की छवि को विधिक रूप से धूमिल किया।
  • नोटिस का गोलमोल जवाब: वीडियो कलेक्ट्रेट विंग तक पहुंचने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ ने उपयंत्री को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया था। अपने लिखित विलेख जवाब में उपयंत्री ने कार्यस्थल पर बंदूक ले जाने की विधिक बात स्वीकार की, जिसे पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना माना गया।

सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने जारी किया 4 पेज का निलंबन विलेख; वित्तीय गड़बड़ियों की भी होगी कड़ी जांच

प्रशासनिक अनुशासन की कड़ियों को मजबूत करते हुए जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने उपयंत्री के खिलाफ कड़ा विधिक रुख अख्तियार किया है:

  1. एक महीने में आएगी फाइनल विलेख रिपोर्ट: सीईओ द्वारा जारी चार पन्नों के निलंबन आदेश में साफ कहा गया है कि उपयंत्री सतीश समेले पर शासकीय कार्यों में घोर अनुशासनहीनता, पदीय आचरण नियमों का उल्लंघन, वित्तीय अनियमितता और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने जैसे प्रथम दृष्टया गंभीर विधिक आरोप सिद्ध पाए गए हैं। इस पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट एक माह के भीतर विधिक रूप से प्रस्तुत करनी होगी।
  2. मुख्यालय हुआ अटैच: निलंबन की इस विधिक अवधि के दौरान उपयंत्री समेले को मझगवां सेक्टर के सभी शासकीय दायित्वों और वित्तीय कड़ियों से पूरी तरह बेदखल कर दिया गया है। उनका नया मुख्यालय कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) संभाग सतना निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें रोजाना अपनी विधिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

कलेक्टर और जिला प्रशासन के इस कड़े विलेख की अंचल में चौतरफा सराहना, सुशासन का बड़ा संदेश

प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी वैधानिक कार्यशैली की कड़ियाँ —

“सतना कलेक्ट्रेट विंग के वरिष्ठ विधिक अधिकारियों का कहना है कि यह निलंबन उन सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए एक कड़ा विधिक सबक है जो शासकीय सेवा को व्यक्तिगत रौब और फिल्मी तमाशा समझने की भूल करते हैं.

जिला पंचायत सीईओ के अनुसार, उपयंत्री के पुराने निर्माण कार्यों और मस्टरोल विलेखों की भी तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि वित्तीय गबन की कड़ियों को भी रिकॉर्ड पर लाया जा सके. फिलहाल, इस ‘बंदूकधारी साहब’ के सस्पेंशन की खबर सतना के प्रशासनिक हलकों में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है।”

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