दतिया/भोपाल: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को टिकट दिए जाने के बाद भड़का राजनैतिक बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। नरोत्तम समर्थकों द्वारा नेशनल हाईवे पर किए गए उग्र चक्का जाम और भाजपा जिला कार्यकारिणी के सामूहिक इस्तीफे के बीच, प्रदेश के सबसे रसूखदार नेताओं में शुमार पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की संपत्ति और नेटवर्थ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनावी हलफनामे के विलेखों के अनुसार, करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के मालिक होने के बावजूद पूर्व गृहमंत्री के पास अपनी कोई निजी गाड़ी नहीं है।
चुनावी हलफनामे से खुली अचल संपत्ति की कड़ियाँ; पूरी तरह कर्ज मुक्त हैं पूर्व गृहमंत्री
दतिया के राजनैतिक विंग और 2023 के चुनावी हलफनामे के विलेखों के आधार पर नरोत्तम मिश्रा का पूरा वित्तीय लेखा-जोखा इस प्रकार है:
- कुल नेटवर्थ और मुख्य पेशा: डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने चुनावी हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति 6 करोड़ 84 लाख 14 हजार 884 रुपये विधिक रूप से घोषित की है। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने अपना मुख्य पेशा और आय का जरिया खेती (कृषि) को बताया है। उन पर किसी भी बैंक या वित्तीय विंग का कोई कर्ज (लोन) बकाया नहीं है।
- करोड़ों की प्रॉपर्टी, पर गाड़ी शून्य: करोड़ों के मालिक होने के बाद भी नरोत्तम मिश्रा के नाम पर कोई निजी कार या दुपहिया वाहन पंजीकृत नहीं है। अचल संपत्ति की कड़ियों की बात करें, तो उनके पास डबरा में 75 लाख रुपये का एक मकान है। वहीं, उनकी पत्नी गायत्री मिश्रा के नाम पर राजधानी भोपाल की सबसे पॉश ‘अरेरा कॉलोनी’ में 3 करोड़ रुपये का आलीशान बंगला दर्ज है।

सोने की कीमतों में उछाल से बढ़ी वैल्यू; शैक्षणिक विलेखों में दर्ज है पीएचडी की उपाधि
सराफा बाजार के वर्तमान विलेखों और पूर्व गृहमंत्री की निजी प्रोफाइल की मुख्य कड़ियाँ निम्नलिखित हैं:
- पति-पत्नी के पास 77 तोला सोना: हलफनामे के विलेख के अनुसार, डॉ. नरोत्तम मिश्रा के पास 21 तोला और उनकी पत्नी के पास 56 तोला सोना है। साल 2023 में इस कुल 77 तोले सोने की विधिक कीमत करीब 49.4 लाख रुपये दर्शाई गई थी, लेकिन पिछले दो वर्षों में बाजार में आई भारी तेजी के चलते अब इस सोने की मौजूदा विधिक कीमत 1 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है।
- साफ-सुथरी छवि और उच्च शिक्षा: हलफनामे के विलेखों के मुताबिक, नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ किसी भी विधिक विंग या थाने में कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें, तो वे उच्च शिक्षित हैं और उनके पास पीएचडी (डॉक्टरेट) की विधिक डिग्री है।
दतिया कलेक्ट्रेट और भाजपा संगठन में टिकट बदलने के विधिक दबाव की चर्चा
प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी राजनैतिक समीकरण की कड़ियाँ —
“एक तरफ जहां दतिया में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आईजी और एसपी की विंग हाईवे पर उपद्रवियों पर नजर रख रही है, वहीं दूसरी तरफ नरोत्तम मिश्रा की इस साफ-सुथरी प्रोफाइल और मजबूत आर्थिक-सामाजिक पकड़ को देखते हुए भाजपा आलाकमान पर टिकट पुनर्विचार का विधिक व राजनैतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
जिला कार्यकारिणी के सामूहिक इस्तीफे के बाद अब केंद्रीय विंग की खुफिया टीम जमीनी इनपुट जुटा रही है कि 30 जुलाई 2026 को होने वाले इस उपचुनाव की कड़ियों में आशुतोष तिवारी डैमेज控制 कर पाएंगे या नहीं।”






