सागर: मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के सागर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सीबीआई की जबलपुर विंग ने सागर में जाल बिछाकर पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के डिप्टी चीफ इंजीनियर-II (निर्माण) नारायण सिंह बुंदेला को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। सीबीआई की इस रेड से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है।

₹1 करोड़ का सिक्योरिटी डिपॉजिट और बिल पास करने के बदले अटकाया था पेच
यह पूरी कार्रवाई सागर रेलखंड में काम करने वाले एक बड़े ठेकेदार की शिकायत पर की गई है:
- ठेकेदार ने की थी शिकायत: सागर रेलखंड में रेलवे ट्रैक के लिए गिट्टी (Ballast) सप्लाई करने वाले ठेकेदार अभिषेक प्यासी ने अपना काम पूरा होने के बाद विभाग में जमा अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी।
- रिश्वत न देने पर अटकाया काम: ठेकेदार का रेलवे विभाग के पास लगभग 1 करोड़ रुपये का सिक्योरिटी डिपॉजिट, लंबित बिल और पीवीसी बकाया अटका हुआ था। आरोप है कि डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ने इस भारी-भरकम राशि को रिलीज करने और बचे हुए बिलों के भुगतान के एवज में 1 लाख रुपये कैश रिश्वत की डिमांड की थी। जब ठेकेदार ने घूस देने से मना किया, तो अफसर ने सिक्योरिटी राशि लौटाने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़ित ने जबलपुर सीबीआई कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
होटल में बिछाया गया था जाल, घूस लेते ही दबोचा
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने सबसे पहले मामले का गुपचुप तरीके से सत्यापन (Verification) कराया। मामला सही पाए जाने पर 4 जून 2026 को आधिकारिक एफआईआर दर्ज की गई:
- लाइव ट्रैप: शुक्रवार को सीबीआई की टीम ने सागर के एक नामी होटल में जाल बिछाया। जैसे ही ठेकेदार अभिषेक प्यासी ने डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला को केमिकल लगे 1 लाख रुपये के नोट सौंपे, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात सीबीआई की टीम ने घेराबंदी कर अधिकारी को घूस की रकम के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। पानी में हाथ धुलवाते ही अफसर की उंगलियां गुलाबी हो गईं।
गेस्ट हाउस और निवास पर चली सर्चिंग; नकदी और जमीनी निवेश के कागजात जब्त
रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद सीबीआई का एक्शन यहीं नहीं रुका। टीम आरोपी अधिकारी को लेकर उनके ठिकानों पर पहुंची:
- तलाशी में मिली नकदी: सीबीआई की टीमों ने आरोपी डिप्टी चीफ इंजीनियर के गेस्ट हाउस के कमरे और उनके निजी निवास स्थान पर एक साथ सघन छापेमारी (Search Operation) की।
- कागजात ज़ब्त: इस सर्चिंग के दौरान अधिकारी के पास से 62 हजार रुपये नगद बरामद हुए, जिसका आरोपी कोई संतोषजनक हिसाब नहीं दे सका। इसके अलावा रियल एस्टेट (जमीन-जायदाद) और बेनामी संपत्तियों में निवेश से जुड़े कई आपत्तिजनक और करोड़ों के निवेश के दस्तावेज भी सीबीआई ने जब्त किए हैं।
जबलपुर की विशेष सीबीआई अदालत में किया गया पेश
सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला को गिरफ्तार किया। इसके बाद शुक्रवार, 5 जून 2026 को आरोपी को भारी सुरक्षा के बीच जबलपुर की सक्षम सीबीआई विशेष अदालत (CBI Special Court) में पेश किया गया। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बैंक खातों, लॉकरों और आय से अधिक संपत्ति के अन्य पहलुओं की भी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।







