भोपाल: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भोपाल ने मध्य भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ व समग्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और विधिक रूप से महत्वपूर्ण विंग की शुरुआत की है. एम्स भोपाल के आयुष विभाग के अंतर्गत अब 21 बेड वाली अत्याधुनिक आयुर्वेद डे केयर (Ayurveda Day Care) सुविधा का विधिक लोकार्पण कर दिया गया है. इस बेहद खास और आधुनिक चिकित्सा सुविधा का भव्य उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार महापात्र द्वारा विधिक रूप से किया गया. इस नई पहल से अब मरीजों को एलोपैथी के साथ-साथ वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित उच्च स्तरीय आयुर्वेद पद्धतियों का लाभ एक ही छत के नीचे विधिक रूप से मिल सकेगा.

धन्वंतरि पूजन से शुरुआत; अध्यक्ष ने खुद किया गाइडेड मेडिटेशन
लोकार्पण समारोह के मुख्य आकर्षण और इसके विधिक व पारंपरिक पहलू इस प्रकार रहे:
- पारंपरिक धन्वंतरि पूजन: कार्यक्रम का विधिक शुभारंभ भगवान धन्वंतरि के पूजन, स्तवन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ आध्यात्मिक माहौल में हुआ. इसके बाद मुख्य अतिथि व संस्थान के वरिष्ठ विधिक पदाधिकारियों ने नवनिर्मित अत्याधुनिक वार्ड का गहन अवलोकन किया.
- तनाव प्रबंधन पर फोकस: उद्घाटन के तुरंत बाद आयुष विभाग द्वारा आयोजित ‘निर्देशित ध्यान’ (Guided Meditation) सत्र में मुख्य अतिथि ने स्वयं भाग लिया. उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य, डिप्रेशन व तनाव प्रबंधन और मन-शरीर आधारित प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के विधिक महत्व को रेखांकित किया.

एलोपैथी और आयुर्वेद का समन्वय समय की मांग— प्रो. डॉ. अशोक कुमार महापात्र
एम्स के मंच से देश की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ विधिक चिकित्सकों ने बेहद महत्वपूर्ण विचार साझा किए:
- रोगी-केंद्रित प्रभावी उपचार: प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार महापात्र ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (Allopathy) और भारत की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों (Ayush) का विधिक समन्वय आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. दोनों विधाएं मिलकर मरीज को बिना किसी साइड इफेक्ट के न्यूनतम समय में पूर्णतः स्वस्थ कर सकती हैं.
- गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का विस्तार: उन्होंने एम्स भोपाल के आयुष विभाग की पूरी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि संस्थान द्वारा गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद विधिक सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जो देश के अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल है.

प्रो. माधवानन्द कर और प्रो. रजनीश जोशी सहित एम्स का पूरा विधिक अमला रहा मुस्तैद
एकीकृत चिकित्सा सेवाओं का विस्तार और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति —
“एम्स प्रबंधन के अनुसार, यह नई डे केयर सुविधा एम्स भोपाल में एकीकृत चिकित्सा सेवाओं (Integrated Medicine) के विधिक विस्तार और मध्य प्रदेश के आम नागरिकों को बेहद किफायती, समग्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी.
इस गरिमामयी विधिक उद्घाटन समारोह के अवसर पर एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर, प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी, संदेश कुमार जैन तथा प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता सहित संस्थान के कई प्रख्यात संकाय सदस्य, विधिक चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल के शोधार्थी विद्यार्थी मुख्य रूप से मुस्तैद रहे. अंचल के नागरिकों ने एम्स भोपाल की इस अनूठी पहल का आत्मीय स्वागत किया है.”







