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मऊगंज में जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक: कलेक्टर संजय कुमार जैन बोले— “SC-ST अत्याचार पीड़ितों को समय पर मिले आर्थिक व विधिक सहायता”

मऊगंज में जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक: कलेक्टर संजय कुमार जैन बोले— “SC-ST अत्याचार पीड़ितों को समय पर मिले आर्थिक व विधिक सहायता”

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The Khabrilal

Published On: Jun 29, 2026, 8:02 PM IST

Updated On: Jun 29, 2026, 8:02 PM IST

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मऊगंज (राजेंद्र पयासी): मऊगंज जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विधिक रूप से संवेदनशील बैठक संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने अंचल में कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए. कलेक्टर ने दोटूक शब्दों में कहा कि एससी-एसटी (SC-ST) वर्ग के पीड़ितों को शासन द्वारा निर्धारित राहत और सहायता राशि विधिक समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाए, इसमें किसी भी स्तर पर प्रशासनिक कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

राहत राशि, गवाहों के भत्ते और लंबित विधिक मामलों की हुई गहन समीक्षा

कलेक्टर ने बैठक के दौरान समाज के शोषित और पीड़ित वर्ग के कल्याण से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विधिक बिंदुओं का सिलसिलेवार ब्योरा लिया:

  • वित्तीय सहायता की मॉनिटरिंग: कलेक्टर ने अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ितों को दी जाने वाली तात्कालिक राहत राशि, गवाहों के विधिक यात्रा भत्ते, भरण-पोषण, आपातकालीन चिकित्सकीय सहायता, मासिक जीवन निर्वाह भत्ता और रोजगार सहायता के प्रकरणों की बारीकी से समीक्षा की.
  • गंभीर मामलों पर विशेष फोकस: विशेष रूप से हत्या एवं अन्य गंभीर अत्याचारों से संबंधित लंबित विधिक प्रकरणों का तुरंत और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के लिए संबंधित जांच अधिकारियों को पाबंद किया गया.

कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखे पुनर्वास; जागरूकता शिविर लगाने के विधिक निर्देश

बैठक में केवल मामलों की समीक्षा ही नहीं हुई, बल्कि पीड़ितों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को लेकर भी विधिक रोडमैप तैयार किया गया:

  1. फॉरेंसिक और अदालती प्रगति: प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस थानों में दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति और विशेष न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र विधिक निराकरण की प्रगति रिपोर्ट देखी गई.
  2. जागरूकता शिविरों का आयोजन: कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति और जनजाति बाहुल्य संवेदनशील अंचलों में विशेष विधिक जागरूकता शिविर (Awareness Camps) आयोजित किए जाएं, ताकि लोग अपने विधिक अधिकारों के प्रति सजग हो सकें. साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी विकास कार्यों को गति देने पर भी वित्तीय विधिक चर्चा हुई.

अपर कलेक्टर पी.के. पाण्डेय और एसडीओपी सचि पाठक सहित आला अधिकारी रहे मुस्तैद

प्रशासनिक संवेदनशीलता और समिति के विधिक दायित्व —

“कलेक्टर संजय कुमार जैन ने उपस्थित सभी राजपत्रित अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि अत्याचार निवारण अधिनियम के सभी विधिक प्रावधानों का पूरी संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और प्रशासनिक गंभीरता के साथ जमीनी पालन सुनिश्चित किया जाए. पात्र हितग्राहियों की फाइलों को दफ्तरों में अटकाने की बजाय समय पर उनके विधिक बैंक खातों में सहायता राशि ट्रांसफर की जाए.

इस उच्च स्तरीय विधिक बैठक में अपर कलेक्टर पी.के. पाण्डेय, एसडीओपी सचि पाठक, जिला अभियोजन अधिकारी (DPO), जिला संयोजक अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग नीलकंठ सिंह मारकाम सहित मॉनिटरिंग समिति के प्रबुद्ध सदस्य और विभिन्न विभागों के विधिक व प्रशासनिक प्रमुख मुख्य रूप से मुस्तैद रहे. समिति के सदस्यों ने भी अंचल की जमीनी समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया, जिस पर त्वरित विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया.”

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