भोपाल: राजधानी भोपाल स्थित वन मंडल की विभिन्न रेंजों में पदस्थ दैनिक वन सुरक्षा श्रमिकों ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मध्यप्रदेश वन सुरक्षा श्रमिक मंच के बैनर तले एकजुट हुए दर्जनों दैनिक श्रमिकों ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया और मंडल वन अधिकारी (DFO) अर्चना पटेल को ज्ञापन सौंपा। DFO ने श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

एरियर भुगतान व सेवा सुरक्षा की प्रमुख मांग
प्रदर्शन एवं ज्ञापन से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- नेतृत्व एवं उपस्थिति: यह ज्ञापन वन सुरक्षा श्रमिक मंच के अध्यक्ष अरुण पांडे के नेतृत्व एवं प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे के मार्गदर्शन में सौंपा गया। इस दौरान अनोखी लाल गुर्जर, महेंद्र भल्लवी, हेमंत जाटव, बीरबल, फेनदलाल, सूरज जाटव, कमलेश, विजय मालवीय सहित बड़ी संख्या में दैनिक श्रमिक उपस्थित रहे।
- श्रम नियमों की अनदेखी का आरोप: मंच के अध्यक्ष अरुण पांडे ने बताया कि श्रम आयुक्त के स्पष्ट आदेशानुसार 1 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने के बाद किसी भी श्रमिक को बिना किसी वैधानिक कारण के सेवा से पृथक नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद श्रमिकों को उनके मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
- 1 सप्ताह का अल्टीमेटम: डीएफओ अर्चना पटेल ने श्रमिकों को आश्वस्त किया है कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों का परीक्षण कराकर 7 दिनों के भीतर उचित निराकरण किया जाएगा।
वन सुरक्षा श्रमिकों की 5 प्रमुख मांगें
- एरियर एवं वेतन वृद्धि: लंबे समय से बकाया एरियर का अविलंब भुगतान और निर्धारित वेतन वृद्धि लागू की जाए।
- पीएफ एवं बीमा सुविधा: सभी दैनिक श्रमिकों का भविष्य निधि (PF) काटा जाए और उनका स्वास्थ्य/जीवन बीमा कराया जाए।
- पहचान पत्र (ID Card): मैदानी सुरक्षा में तैनात सभी दैनिक वन सुरक्षा श्रमिकों को आधिकारिक पहचान पत्र जारी किए जाएं।
- चिकित्सा सुविधाएं: कार्य के दौरान दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में मेडिकल एवं उपचार की समुचित सुविधा मिले।
- सेवा सुरक्षा: श्रम नियमों का पालन करते हुए श्रमिकों को अकारण सेवा से पृथक करने पर रोक लगाई जाए।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- स्थान: वन मंडल कार्यालय, भोपाल (मध्य प्रदेश)।
- संगठन: मध्यप्रदेश वन सुरक्षा श्रमिक मंच (अध्यक्ष: अरुण पांडे)।
- ज्ञापन प्राप्तकर्ता: DFO अर्चना पटेल (भोपाल वन मंडल)।
- वर्तमान स्थिति: DFO द्वारा 1 सप्ताह के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन।






