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मऊगंज में ताले में बंद मिला आंगनबाड़ी केंद्र, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर उठे सवाल: दोपहर में लटका मिला ताला; अधिकारियों की गैर-मौजूदगी से मॉनिटरिंग पर उठे गंभीर सवाल

मऊगंज में ताले में बंद मिला आंगनबाड़ी केंद्र, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर उठे सवाल: दोपहर में लटका मिला ताला; अधिकारियों की गैर-मौजूदगी से मॉनिटरिंग पर उठे गंभीर सवाल

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The Khabrilal

Published On: Jul 28, 2026, 9:07 AM IST

Updated On: Jul 28, 2026, 9:07 AM IST

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मऊगंज: मऊगंज जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शासकीय दावों के विपरीत धरातल पर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में भारी लापरवाही देखने को मिल रही है। मीडिया पड़ताल के दौरान नईगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत आने वाला आंगनबाड़ी केंद्र माड़ौ क्रमांक-1 दोपहर के समय ताले में बंद पाया गया, जिससे विभागीय अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था की पोल खुल गई है।

दोपहर 1 बजे लटका मिला ताला, केंद्र से गायब रहे बच्चे और कार्यकर्ता

घटनाक्रम और विभागीय लापरवाही से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • ताले में बंद मिला केंद्र: 27 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे जब माड़ौ क्रमांक-1 आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लिया गया, तो मुख्य दरवाजे पर ताला लटका मिला। मौके पर न तो बच्चे मौजूद थे और न ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका उपस्थित थीं।
  • पूर्व में भी मिले थे बंद केंद्र: जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद रहने का यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते माह भी कई केंद्रों पर ताले लटके मिले थे। उस समय परियोजना अधिकारी ने साक्ष्य मिलने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया।
  • मुख्यालय पर नहीं रहते अधिकारी: सूत्रों के अनुसार, जिले में पदस्थ करीब 80 प्रतिशत सुपरवाइजर और कुछ परियोजना अधिकारी अनिवार्य नियमों का उल्लंघन करते हुए मुख्यालय पर निवास नहीं करते। कई अधिकारी अन्य जिलों से आवागमन करते हैं, जिसके चलते जमीनी स्तर पर निरीक्षण और मॉनिटरिंग पूरी तरह ठप पड़ी है।
  • योजनाओं पर पड़ रहा बुरा असर: केंद्रों के अनियमित संचालन से बच्चों के पोषण आहार, नियमित टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा और गर्भवती/धात्री महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

संपर्क करने का प्रयास विफल, ग्रामीणों में आक्रोश

इस पूरे मामले को लेकर जब महिला एवं बाल विकास विभाग के नईगढ़ी परियोजना अधिकारी रवि शंकर पांडेय से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने और योजनाओं का लाभ न मिलने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:

  1. बंद आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कराया जाए।
  2. मुख्यालय से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
  3. सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का समय पर और नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।

मामले का संक्षिप्त विवरण

  • स्थान: आंगनबाड़ी केंद्र माड़ौ क्रमांक-1 (नईगढ़ी क्षेत्र), जिला मऊगंज (मध्य प्रदेश)।
  • संबंधित विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग, मऊगंज।
  • समस्या: समय से पहले केंद्र बंद होना, सुपरवाइजरों व अधिकारियों का मुख्यालय से नदारद रहना।
  • प्रभावित हितग्राही: बच्चे, गर्भवती एवं धात्री महिलाएं।
  • वर्तमान स्थिति: ग्रामीणों द्वारा नियमित जांच व दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग।
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