MP किसान आंदोलन: 100% मूंग खरीदी की मांग पर उग्र हुए किसान; बैरिकेड्स तोड़कर भोपाल में प्रवेश, मिसरोद बॉर्डर पर पुलिस से झड़प के बाद होशंगाबाद रोड बंद

भोपाल: मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किसानों का विरोध आंदोलन अब बेहद उग्र रूप धारण कर चुका है। किसान स्वराज संगठन एवं संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले नर्मदापुरम, रायसेन और होशंगाबाद जिले से आए डेढ़ हजार से अधिक किसान राशन-पानी के साथ पैदल मार्च करते हुए भोपाल की सीमा में दाखिल हो गए हैं भोपाल-रायसेन बॉर्डर स्थित मिसरोद और निरामय अस्पताल के पास पुलिस द्वारा की गई भारी बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए किसान मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने आगे बढ़ रहे हैं।

होशंगाबाद रोड ठप, पुलिस और किसानों में तीखी धक्का-मुक्की

  • बैरिकेड्स तोड़े, शहर में घुसे किसान: मिसरोद बॉर्डर पर पुलिस बल और किसानों के बीच जमकर हंगामा, धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। किसानों ने कई सुरक्षा बैरिकेड्स उखाड़ फेंके और पुलिस के कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
  • हाईवे और मुख्य मार्ग बंद: आंदोलन के चलते होशंगाबाद रोड और भोपाल-ओबैदुल्लागंज मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। कई स्थानों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। निरामय अस्पताल के समीप भारी पुलिस बल (SAF, RAF) के साथ वाटर कैनन और वज्र वाहन तैनात किए गए हैं।
  • 7 दिन का राशन लेकर आए किसान: प्रदर्शनकारी अपने साथ कई दिनों का राशन, चूल्हा और खाना बनाने का सामान लेकर आए हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, वे वापस नहीं लौटेंगे।

विवाद की मुख्य वजह: 100% मूंग की सरकारी खरीदी

प्रदेश में इस बार ग्रीष्मकालीन मूंग की बंपर पैदावार हुई है। मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹8,768 प्रति क्विंटल तय है, लेकिन सरकारी एजेंसियां कुल उत्पादन का केवल 25% हिस्सा ही खरीद रही हैं।

किसानों को शेष 75% उपज खुले बाजार में ₹6,000 से ₹7,000 में बेचनी पड़ रही है, जिससे उन्हें प्रति क्विंटल भारी घाटा हो रहा है। किसान संगठन मांग कर रहे हैं कि सरकार पूरी मूंग फसल 100% एमएसपी दर पर खरीदे।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

  1. 100% मूंग उपार्जन: प्रदेश के सभी किसान भाइयों से ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित की जाए।
  2. खाद वितरण सुधार: सोसायटियों में डीएपी (DAP) व यूरिया वितरण की व्यवस्था पारदर्शी बनाई जाए।
  3. भावांतर / MSP सुरक्षा: यदि सरकार सीधे उपार्जन में असमर्थ है, तो बाजार मूल्य और MSP के अंतर का भुगतान किसानों के खातों में किया जाए।

मामले का संक्षिप्त विवरण

  • स्थान: मिसरोद बॉर्डर, होशंगाबाद रोड, भोपाल (मध्य प्रदेश)।
  • मुख्य संगठन: किसान स्वराज संगठन एवं संयुक्त किसान मोर्चा।
  • मुख्य मांग: 100% मूंग की MSP पर सरकारी खरीदी व खाद समस्या का समाधान।
  • वर्तमान स्थिति: होशंगाबाद रोड पर आवागमन प्रभावित, भारी पुलिस बल तैनात।

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