मऊगंज: मऊगंज जिले के देवतालाब क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पिड़रिया के सरबरा गांव से ग्रामीण अधोसंरचना और स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलती एक संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। गांव में पक्की सड़क न होने के कारण प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला को उसके परिजनों द्वारा करीब 1 किलोमीटर तक पैदल सहारा देकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा, जहां एंबुलेंस खड़ी थी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

कीचड़ व कच्चे रास्ते के कारण अटकी एंबुलेंस
घटनाक्रम और स्थानीय समस्याओं से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- ऐन वक्त पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी: गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया था। हालांकि, सरबरा गांव तक जाने वाला रास्ता कच्चा और जर्जर होने के कारण एंबुलेंस गांव के अंदर प्रवेश नहीं कर सकी।
- दर्द से कराहती रही महिला: आपात स्थिति को देखते हुए परिजनों ने मजबूरी में महिला को कंधे और हाथों के सहारे 1 किलोमीटर दूर पक्की सड़क तक पैदल चलाया, जहां से उसे अस्पताल रवाना किया गया।
- वर्षों से लंबित सड़क निर्माण की मांग: स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरबरा गांव में पक्की सड़क की समस्या वर्षों पुरानी है। बारिश के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे मरीजों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में पड़ जाती है। कई बार आवेदन-ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे गंभीर सवाल
ग्राम पंचायत पिड़रिया के निवासियों का कहना है कि सड़क का न होना केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि यह आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट बन चुका है। समय पर अस्पताल न पहुंच पाने से कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मऊगंज, लोक निर्माण विभाग (PWD) और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से सरबरा गांव तक तत्काल पक्की सड़क (सीसी रोड/डामरीकरण) का निर्माण कराने की मांग की है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- स्थान: ग्राम सरबरा (ग्राम पंचायत पिड़रिया, देवतालाब क्षेत्र), जिला मऊगंज (मध्य प्रदेश)।
- समस्या: पक्की सड़क के अभाव में एंबुलेंस का न पहुंच पाना; गर्भवती महिला को 1 किमी पैदल ले जाना पड़ा।
- प्रशासनिक स्थिति: वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों द्वारा जांच और शीघ्र सड़क निर्माण की मांग।







