मैहर : विंध्य अंचल के मैहर जिले के कोठी क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ गुरुवार को एक ही घर में जहरीले सांप के काटने से सगे भाई-बहन की असामयिक और दर्दनाक मौत हो गई। काल बनकर आए सर्प ने घर के भीतर आराम कर रहे भाई और बहन दोनों को एक-एक कर अपना शिकार बना लिया। विष का असर शरीर में फैलने के बाद दोनों को आनन-फानन में मैहर और सतना के अस्पतालों में विधिक व चिकित्सकीय उपचार के लिए दाखिल कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों के तमाम विधिक प्रयासों के बावजूद दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस दोहरी मौत के बाद समूचे अंचल में गहरा सन्नाटा और मातम पसर गया है।

कोठी में बहन के घर आया था भाई; आराम करने के दौरान सुबह 11 बजे घटित हुआ वज्रपात
थाना पुलिस और प्रत्यक्षदर्शी परिजनों से प्राप्त प्राथमिक व विधिक जानकारी के अनुसार इस दुखद घटनाक्रम का ब्योरा इस प्रकार है:
- मृतकों की पहचान: मृतकों की शिनाख्त अमरपाटन ब्लॉक के ग्राम खरमसेड़ा निवासी राजेश चौधरी (45 वर्ष) और उनकी सगी बहन कल्लू चौधरी (50 वर्ष) निवासी कोठी, मैहर के रूप में हुई है। राजेश कुछ दिन पूर्व ही कोठी में अपनी बहन के घर रहने के लिए आए हुए थे।
- एक ही सांप ने दोनों को डंसा: गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जब भाई और बहन दोनों घर के भीतर कमरे में आराम कर रहे थे, तभी अचानक कहीं से एक जहरीला सांप वहां दाखिल हुआ। सांप ने पहले बिस्तर पर बैठी बहन कल्लू चौधरी को काटा और उसके तुरंत बाद पास ही मौजूद भाई राजेश चौधरी को भी विधिक रूप से डस लिया।
मैहर सिविल अस्पताल में बहन ने तोड़ा दम; सतना जिला अस्पताल रेफर किए गए भाई की रास्ते में थमी सांसें
सर्पदंश के बाद परिजनों की चीख-पुकार और उन्हें बचाने की चिकित्सकीय व विधिक कड़ियाँ इस प्रकार रहीं:
- तबीयत बिगड़ने पर मची अफरा-तफरी: सांप के काटने के कुछ ही मिनटों के भीतर दोनों के शरीर में जहर फैलने लगा, उन्हें चक्कर आने लगे और हालत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल स्थानीय वाहनों की मदद से दोनों को बेहोशी की हालत में मैहर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने तुरंत विधिक व चिकित्सकीय उपचार शुरू किया। लेकिन, गंभीर रूप से विषैली हो चुकीं बहन कल्लू चौधरी ने अस्पताल के भीतर ही दम तोड़ दिया।
- रास्ते में थम गईं सांसें: भाई राजेश चौधरी की हालत को अत्यधिक नाजुक और वेंटिलेटर की आवश्यकता को देखते हुए मैहर के डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक विधिक उपचार के बाद जिला अस्पताल सतना (District Hospital Satna) के लिए तत्काल रेफर कर दिया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; सतना लाते समय एम्बुलेंस में रास्ते में ही राजेश की भी सांसें टूट गईं और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल मर्चुरी में कराए जा रहे हैं शवों के पोस्टमार्टम; पुलिस ने मर्ग कायम कर विधिक जांच की शुरू
प्रशासनिक सतर्कता और मानसून में सांपों से बचाव का विधिक संदेश —
“इस दुखद दोहरे हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने अस्पतालों में पहुंचकर विधिक प्रक्रिया पूरी की। दोनों ही शवों को पंचनामा तैयार करने के बाद पोस्टमार्टम (Post-Mortem) के लिए सिविल अस्पताल की मॉर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस ने विधिक रूप से मर्ग कायम कर घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
मैहर और सतना अंचल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मानसून की शुरुआत को देखते हुए ग्रामीण और शहरी अंचलों के नागरिकों के लिए एक जरूरी स्वास्थ्य व विधिक एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के दिनों में जमीन के भीतर पानी भरने से जहरीले जीव और सांप बाहर आते हैं। ऐसे में जमीन पर सोने से बचें, अंधेरे स्थानों पर जाने से पहले टॉर्च का इस्तेमाल करें और सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार के झाड़-फूंक या अंधविश्वास के विधिक चंगुल में फंसने के बजाय मरीज को बिना समय गंवाए सीधे निकटतम सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहाँ ‘एंटी-स्नेक वेनम’ (Anti-Snake Venom) इंजेक्शन विधिक रूप से मुफ्त और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहता है।”







