शाजापुर बस स्टैंड चौराहे पर ‘फिसलन’ का मौत का कुआं! खुदाई के बाद फैली पीली मिट्टी से रोजाना गिर रहे दोपहिया चालक; सीएमओ ने दिया जांच का आश्वासन

शाजापुर: शहर के सबसे व्यस्त और रीढ़ माने जाने वाले बस स्टैंड ट्रैफिक पॉइंट चौराहे पर इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली का एक बड़ा खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। इस अति-व्यस्ततम चौराहे पर चल रहे खुदाई कार्य के बाद सड़क पर छोड़ी गई पीली मिट्टी अब मानसून की मूसलाधार बारिश के संपर्क में आकर ‘स्केटिंग रिंक’ (भयानक फिसलन) में तब्दील हो चुकी है। इसका खामियाजा शहर की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जहाँ रोजाना दर्जनों दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गंभीर हादसों का शिकार हो रहे हैं। नागरिकों की विधिक सुरक्षा को ताक पर रखकर किए जा रहे इस कार्य से स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

ब्रेक मारते ही पलट रही गाड़ियां; स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर हो रहे लहूलुहान

चौराहे के जमीनी हालात और राहगीरों की आपबीती की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • जोखिम में जिंदगियां: स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चौराहे से गुजरते समय बाइक या स्कूटर चालकों द्वारा हल्का सा भी ब्रेक लगाने पर वाहन पूरी तरह असंतुलित होकर पलट जाता है। बीते दो दिनों के भीतर कई स्कूली बच्चे, कामकाजी महिलाएं और बुजुर्ग सड़क पर गिरकर विधिक रूप से चोटिल हो चुके हैं।
  • सुरक्षा के इंतजाम शून्य: रहवासियों का सीधा आरोप है कि निर्माण एजेंसी या संबंधित सरकारी विभाग ने खुदाई करने के बाद सुरक्षा के कोई विधिक व तय मानकों का पालन नहीं किया। न तो दुर्घटना संभावित क्षेत्र में पर्याप्त बैरिकेडिंग (Barricading) की गई है और न ही यातायात को डायवर्ट करने के कोई संकेतक लगाए गए हैं।

सड़क पर गिट्टी-मुरम डालने की उठी मांग; लापरवाही सुधारने के लिए नगर पालिका के घेराव की तैयारी

लगातार हो रही बारिश ने सड़क की कड़ियों को और अधिक बदतर बना दिया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा जानलेवा हादसा घटित हो सकता है:

  1. कागजी साबित हो रहे दावे: मानसून पूर्व तैयारियों के बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर पालिका प्रशासन इस मुख्य चौराहे की दुर्दशा पर अब तक मौन साधे बैठा था। अंचल के नागरिकों ने मांग की है कि सड़क पर जमी इस जानलेवा पीली मिट्टी को मशीनों द्वारा तत्काल साफ कराया जाए और वहां अस्थाई रूप से गिट्टी या मुरम बिछाई जाए ताकि वाहनों की ग्रिप बन सके।
  2. सफाई की विधिक गुहार: यदि २४ घंटे के भीतर मार्ग को सुगम नहीं बनाया गया तो व्यापारिक संगठनों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन करने की विधिक चेतावनी दी है।

सीएमओ का संज्ञान: जल्द टीम भेजकर दुरुस्त कराई जाएगी व्यवस्था, सुरक्षित आवागमन प्राथमिकता

प्रशासनिक आश्वासन और जनता की उम्मीदें —

“इस पूरे जनहित के मामले को लेकर जब नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) से विधिक चर्चा की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि बस स्टैंड चौराहे की समस्या उनके संज्ञान में आई है.

सीएमओ ने अंचल के नागरिकों को आश्वस्त किया है कि वे स्वयं और तकनीकी अमला मौके का भौतिक निरीक्षण करेंगे और निर्माण एजेंसी को सड़क की तत्काल सफाई करने के विधिक निर्देश जारी करेंगे. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में नागरिकों का सुरक्षित आवागमन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोताही बरतने वाले उप-ठेकेदारों पर भी विधिक कार्रवाई की जाएगी. अब देखना होगा कि सीएमओ के इस विधिक आश्वासन के बाद धरातल पर काम कब शुरू होता है या शाजापुर की जनता को इन हादसों से यूं ही दो-चार होना पड़ेगा.”

Hot this week

पलक गुप्ता बनीं मिस मध्य प्रदेश 2025,मैहर जिले का नाम किया रोशन

Miss Madhya Pradesh 2025:मैहर जिले की बेटी पलक गुप्ता...

अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम SDM को सौंपा 6 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन

The Khabrilal : अतिथि शिक्षक संघर्ष समिति ब्लॉक रामनगर...

Customer Engagement Marketing: New Strategy for the Economy

I actually first read this as alkalizing meaning effecting...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img