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मध्य प्रदेश के 8 राज्य पुलिस सेवा अधिकारी बनेंगे IPS! मंत्रालय में हुई UPSC की बैठक में 27 नामों पर मंथन; विभागीय जांच के चलते राजेश मिश्रा का लिफाफा बंद

मध्य प्रदेश के 8 राज्य पुलिस सेवा अधिकारी बनेंगे IPS! मंत्रालय में हुई UPSC की बैठक में 27 नामों पर मंथन; विभागीय जांच के चलते राजेश मिश्रा का लिफाफा बंद

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The Khabrilal

Published On: Jun 25, 2026, 8:41 AM IST

Updated On: Jun 25, 2026, 8:41 AM IST

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भोपाल : मध्य प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस महकमे से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों को बहुप्रतीक्षित ‘आईपीएस अवॉर्ड’ (IPS Award) देने के लिए गुरुवार, 25 जून 2026 को राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय (Vallabh Bhawan) में एक हाई-प्रोफाइल विधिक बैठक संपन्न हुई। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के माननीय सदस्य संजय वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस चयन समिति की बैठक में कुल 27 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नामों और उनकी सर्विस बुक पर गहन विचार-विमर्श किया गया। मैराथन बैठक के बाद समिति ने 8 अधिकारियों के नामों को विधिक रूप से क्लीयर करते हुए पदोन्नति की हरी झंडी दे दी है, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम तकनीकी कारणों से होल्ड कर दिया गया है।

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इन 8 वरिष्ठ अधिकारियों के नामों को मिली हरी झंडी; बनेंगे प्रमोटेड IPS

मंत्रालय और गृह विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन अधिकारियों को आईपीएस कैडर में शामिल करने की मंजूरी दी गई है, उनका पूरा ब्योरा इस प्रकार है:

  • 1997 बैच के अधिकारी: राज्य पुलिस सेवा के बेहद सीनियर और 1997 बैच के कर्मठ अधिकारी सीताराम सदभैया के नाम पर चयन समिति ने सर्वसम्मति से मुहर लगाई है।
  • 1998 बैच के धाकड़ अफसर: इसके अलावा बैच 1998 से सात अन्य अधिकारियों के नाम क्लीयर किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
  1. निमिशा पांडे
  2. मलय जैन
  3. अमित सक्सेना
  4. मनीषा पाठक सोनी
  5. सुमन गुर्जर
  6. एस. एस. सराफ
  7. समर वर्मा

राजेश मिश्रा का लिफाफा क्यों हुआ बंद? जानिए क्या है ‘सील कवर’ प्रक्रिया

बैठक में 9 अधिकारियों को प्रमोट किया जाना था, लेकिन एक नाम को लेकर पेंच फंस गया:

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  1. विभागीय जांच बनी रोड़ा: राज्य पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी राजेश मिश्रा का नाम भी इस रेस में शामिल था, परंतु उनके खिलाफ वर्तमान में चल रही एक विभागीय जांच (Departmental Enquiry) के चलते तकनीकी व विधिक रूप से उनका लिफाफा बंद (Sealed Cover) कर दिया गया है।
  2. जांच के बाद होगा फैसला: नियम के मुताबिक, जब तक राजेश मिश्रा को संबंधित विभागीय जांच में क्लीन चिट नहीं मिल जाती, तब तक उनका प्रमोशन होल्ड पर रहेगा। जांच के विधिक निराकरण के बाद ही उनका लिफाफा खोला जाएगा।

UPSC सदस्य की मौजूदगी में 27 नामों के सर्विस रिकॉर्ड और ACR पर हुआ कड़ा मंथन

प्रशासनिक प्रक्रिया और आगामी नोटिफिकेशन —
“मंत्रालय में हुई इस बैठक में संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य संजय वर्मा के अलावा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित कई वरिष्ठ विधिक अधिकारी मौजूद रहे। समिति के सामने कोटे के तहत उपलब्ध पदों के मुकाबले तीन गुना यानी कुल 27 दावेदार अधिकारियों के पिछले 10 वर्षों के काम, एसीआर (ACR) और निष्पक्ष विधिक रिकॉर्ड की बारीकी से स्क्रूटनी की गई। जिन 8 नामों को फाइनल किया गया है, उनकी सूची अब औपचारिक मंजूरी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को भेजी जाएगी। आगामी कुछ दिनों के भीतर दिल्ली से इन सभी अधिकारियों को आधिकारिक रूप से IPS कैडर अलॉट होने का गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।”

इस बड़े प्रमोशन के बाद मध्य प्रदेश पुलिस की फील्डिंग में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे और जल्द ही प्रमोटेड अफसरों को नए जिलों में एसपी (SP) या एआईजी (AIG) के पदों पर तैनात किया जाएगा।

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