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इंदौर के पॉश तुलसीनगर में अवैध नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़; 3 मंजिला मकान से चल रहा था अंतरराज्यीय रैकेट, भारी मात्रा में स्प्रिट, फर्जी लेबल और मशीनें जब्त

इंदौर के पॉश तुलसीनगर में अवैध नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़; 3 मंजिला मकान से चल रहा था अंतरराज्यीय रैकेट, भारी मात्रा में स्प्रिट, फर्जी लेबल और मशीनें जब्त

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The Khabrilal

Published On: Jun 25, 2026, 2:26 PM IST

Updated On: Jun 25, 2026, 2:27 PM IST

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इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के एक बेहद पॉश इलाके से नकली और अवैध शराब के निर्माण का एक सनसनीखेज और बड़ा मामला सामने आया है। आबकारी विभाग (Excise Department Indore) की विशेष विधिक टीम ने लगातार तीन दिनों तक भेष बदलकर की गई रेकी के बाद तुलसीनगर इलाके में दबिश देकर एक आलीशान तीन मंजिला मकान में संचालित हो रही अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। जैसा कि संलग्न तस्वीर में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, आबकारी पुलिस की गाड़ी (Excise Department Indore) मौके पर मुस्तैद है और मकान के बाहर भारी मात्रा में जब्त किए गए प्लास्टिक के अवैध ड्रम, कैन, शराब की बोतलें, ब्लेंडर मशीनें और हजारों की तादाद में फर्जी लेबल व होलोग्राम को विधिक जब्ती के लिए कतारबद्ध कर रखा गया है। पूरे परिसर को ‘Excise Department – Crime Scene’ की पीले रंग की सुरक्षा टेप (Barricading Tape) से सील कर दिया गया है।

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कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर सिविल ड्रेस में आबकारी टीम ने की 3 दिन रेकी

इस हाई-प्रोफाइल अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क के खिलाफ हुई विधिक कार्रवाई की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • गोपनीय इनपुट पर एक्शन: आबकारी विभाग के खुफिया विंग को सटीक सूचना मिली थी कि तुलसीनगर की एक रिहायशी बिल्डिंग के भीतर गुपचुप तरीके से नकली शराब का निर्माण और पैकेजिंग का काला कारोबार चल रहा है।
  • अधिकारियों का साझा एक्शन: सूचना की विधिक पुष्टि के लिए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के कड़े निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में आबकारी उपनिरीक्षकों की टीम ने तीन दिनों तक सादे कपड़ों (Civil Dress) में इलाके की निगरानी की। संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होते ही पूरी तैयारी के साथ छापा मारा गया।

144 बल्क लीटर देशी शराब के साथ एमपी-राजस्थान के नामी ब्रांडों के फर्जी लेबल बरामद

छापेमारी के दौरान तीन मंजिला आलीशान मकान के भीतर का नजारा देखकर खुद आबकारी अधिकारी भी दंग रह गए:

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  1. ब्रांडेड बोतलों में भरी जा रही थी मौत: इस अवैध यूनिट के भीतर भारी मात्रा में कच्चे स्प्रिट और कैरेमल (रंग और स्वाद के लिए) की मदद से जहरीली व नकली देशी शराब तैयार की जा रही थी। मौके से 144 बल्क लीटर देशी शराब, स्प्रिट के जार, दो बड़ी अत्याधुनिक ब्लेंडर मशीनें, खाली बोतलें और ढक्कन जब्त किए गए हैं।
  2. अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा: जांच में सबसे चौंकाने वाला विधिक पहलू यह सामने आया है कि मौके से मध्य प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य राजस्थान में धड़ल्ले से बिकने वाले कई नामी और प्रतिष्ठित शराब ब्रांडों के हजारों नकली प्रिंटेड लेबल और फर्जी होलोग्राम बरामद हुए हैं। इससे यह विधिक आशंका मजबूत हो गई है कि इस रैकेट के तार अन्य राज्यों के बड़े अंतरराज्यीय माफियाओं से जुड़े हुए हैं।

मुख्य सरगना विनोद तलैया गिरफ्तार; शराब की होगी फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच

विधिक कार्रवाई और आगामी डिस्ट्रीब्यूशन चैनल की जांच —

“तस्वीर watermarked_img_14363732605739683691.png में आबकारी अधिकारी विधिक जब्ती की लिस्ट तैयार करते नजर आ रहे हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से मुख्य शराब माफिया और मास्टरमाइंड विनोद तलैया (Vinod Talaiya) को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती व दंडात्मक धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई नकली शराब के रैंडम सैंपल लेकर उसे तत्काल प्रयोगशाला (Lab Testing) भेजा जा रहा है, ताकि यह विधिक रूप से साफ हो सके कि यह केमिकल स्वास्थ्य के लिए कितना जानलेवा था। फिलहाल, पुलिस और आबकारी विभाग की वित्तीय विंग आरोपी के बैंक खातों और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नकली शराब इंदौर के अलावा विंध्य या अन्य किन-किन जिलों के ढाबों और दुकानों में सप्लाई की जा रही थी।”

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