नागौद (सतना): मध्य प्रदेश जेल विभाग के मुखिया और महानिदेशक (डीजी) वरुण कपूर इन दिनों विंध्य क्षेत्र के रीवा और सतना जिलों के जेलों के सघन विधिक व प्रशासनिक दौरे पर हैं। इसी सिलसिले में रीवा केंद्रीय कारागार की व्यवस्थाएं परखने के बाद बुधवार को डीजी वरुण कपूर सतना जिले की नागौद उपजेल का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने पहुंचे। औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरकों की साफ-सफाई और भोजनालय (मेस) का बारीकी से मुआयना किया, बल्कि जेल में बंद कैदियों (बंदियों) से आमने-सामने बैठकर उनकी बुनियादी समस्याओं और शिकायतों को भी जाना।

रीवा जेल के बाद चित्रकूट में किए कामतानाथ के दर्शन; फिर पहुंचे नागौद
जेल मुख्यालय और जिला प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डीजी वरुण कपूर के इस महत्वपूर्ण दौरे का पूरा ब्योरा इस प्रकार है:
- रीवा से शुरू हुआ दौरा: जेल डीजी वरुण कपूर मंगलवार को रीवा पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय जेल का आकस्मिक निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए थे।
- भगवान कामतानाथ की शरण में पहुंचे मुखिया: बुधवार की सुबह जेल डीजी सर्वप्रथम पावन नगरी चित्रकूट पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान कामतानाथ के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और परिक्रमा पूरी की। चित्रकूट से वापस लौटते समय वे सीधे नागौद उपजेल का मुआयना करने पहुंच गए।
कैदियों और प्रहरियों से की सीधी बातचीत; समस्याओं के त्वरित निवारण का भरोसा
उपजेल परिसर में प्रवेश करते ही जेल डीजी ने पूरी विधिक व्यवस्था को अपने हाथों में लिया और गहनता से तफ्तीश की:
- बंदियों की सुनीं समस्याएं: डीजी वरुण कपूर ने विभिन्न बैरकों का दौरा कर बंदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने कैदियों से उनके मुकदमों की पैरवी, विधिक सहायता (लीगल एड), मिलने वाली मुलाकातों, पेयजल, स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत पूछताछ की।
- कर्मचारियों का जाना हाल: डीजी ने जेल प्रहरियों और विभागीय कर्मचारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने ड्यूटी के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को समझा और कर्मचारियों की समस्याओं के समय-सीमा में निराकरण का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद; व्यवस्थाओं पर जताया संतोष
सुरक्षा प्रबंध और उपस्थित अधिकारियों का पक्ष —
“जेल विभाग के मुखिया के नागौद आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। निरीक्षण के दौरान डीजी वरुण कपूर के साथ मुख्य रूप से जेल अधीक्षक लीना कोष्टा, नागौद एसडीएम (SDM) जितेंद्र वर्मा, एसडीओपी (SDOP) रघु केसरी, जेलर सोनवीर सिंह कुशवाह, सहायक जेल अधीक्षक कमलेश राय और अभिमन्यु पांडेय सहित जेल के तमाम विधिक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। डीजी ने जेल रिकॉर्ड और सुरक्षा उपकरणों की जांच के बाद उपजेल की वर्तमान कानून व्यवस्था और अनुशासनात्मक प्रबंधों पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को बंदियों के मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करने और जेल परिसर की सुरक्षा को चौबीसों घंटे अभेद्य बनाए रखने की सख्त हिदायत दी।”







