रीवा/प्रयागराज: मध्य प्रदेश के रीवा जिले की रहने वाली 20 वर्षीय युवती गोल्डी साकेत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए बनने वाले अनजान रिश्तों और उनके खौफनाक अंजाम को लेकर पूरे विंध्य अंचल को हिलाकर रख दिया है। परिजनों ने मृतका के पति पर पहचान छिपाकर प्रेम जाल में फंसाने, जबरन निकाह करने और बाद में प्रताड़ित कर हत्या करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक अनुमति के बाद मौत के करीब 35 दिन बाद युवती के शव को कब्र से बाहर निकाला गया और दोबारा कड़े कड़े पहरे में पोस्टमार्टम (Post Mortem) कराया गया। इस घटना के बाद से रीवा में पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।

इंस्टाग्राम पर ‘प्रिंस’ बनकर मिला था साहिल, हैदराबाद में हुई थी मुलाकात
रीवा के पीड़ित परिवार और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे उलझे हुए मामले की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
- ऐसे शुरू हुई थी कहानी: रीवा की रहने वाली गोल्डी साकेत तेलंगाना के हैदराबाद में एक बिस्किट फैक्ट्री में काम करती थी। इसी दौरान इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (कौंधियारा क्षेत्र) के रहने वाले साहिल नाम के युवक से हुई।
- पहचान छिपाने का आरोप: परिजनों का दावा है कि साहिल ने शुरू में अपना असली नाम छिपाकर खुद को “प्रिंस” बताया था और इसी झूठे नाम के सहारे गोल्डी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था।
मंदिर में शादी के बाद सामने आया सच, फिर मस्जिद में हुआ निकाह!
सच्चाई सामने आने के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ने के बजाय विवाद और प्रताड़ना का एक नया दौर शुरू हो गया:
- कमरे में बंद रखने का आरोप: परिजनों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले दोनों ने हैदराबाद के ही एक मंदिर में प्रेम विवाह किया था। बाद में जब गोल्डी को साहिल की असली मजहबी पहचान का पता चला, तो दोनों में भारी विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद दबाव बनाकर मस्जिद में निकाह भी पढ़ावाया गया।
- सिम कार्ड तोड़ा, छिपकर करती थी फोन: मृतका की मां बेबी साकेत ने रोते हुए बताया कि शादी के बाद से ही दामाद और उसके परिवार ने बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। उसका सिम कार्ड तक तोड़ दिया गया ताकि वह रीवा बात न कर सके। वह जब भी छिपकर फोन करती, तो रो-रोकर बताती थी कि उसे कमरे में बंद रखा जाता है और बेरहमी से पीटा जाता है।
मौत के 10 दिन बाद मिली सूचना; दोबारा हुआ पीएम और हिंदू रीति से अंतिम संस्कार
सनसनीखेज मोड़ और प्रशासनिक कार्रवाई —
“पीड़ित परिवार का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला आरोप यह है कि गोल्डी की मौत के बाद ससुराल वालों ने उन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी और गुपचुप तरीके से शव को दफना दिया। मौत के करीब 10 दिन बाद जब रीवा में रहने वाले परिवार को किसी अन्य परिचित के जरिए इस अनहोनी की भनक लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन तत्काल रीवा से उत्तर प्रदेश (कौंधियारा, प्रयागराज) पहुंचे और पुलिस व स्थानीय प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। लंबी कानूनी और प्रशासनिक जद्दोजहद के बाद, मजिस्ट्रेट के आदेश पर शव को दफनाने के 35 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया। दोबारा डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के बाद, परिजनों ने गोल्डी के पार्थिव शरीर का सनातन हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार किया।”
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उलझा मामला, पुलिस कर रही बारीकी से जांच
कौंधियारा (यूपी) और रीवा पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, शव काफी पुराना होने के कारण प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण (Cause of Death) खुलकर सामने नहीं आ सका है, जिसके कारण विसरा (Viscous Organ) सुरक्षित कर फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। फिलहाल पुलिस मृतका और आरोपी पति के इंस्टाग्राम चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।







