सतना: देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG Re-Exam) को लेकर मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक बार फिर व्यवस्थाओं को शर्मसार करने वाली बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ परीक्षा केंद्र के एंट्री गेट पर तैनात एक गैर-जिम्मेदार शख्स की बड़ी गलती के कारण एक होनहार परीक्षार्थी परीक्षा देने से पूरी तरह वंचित रह गया। प्रवेश पत्र (Admit Card) पर सही सेंटर का नाम दर्ज होने के बावजूद छात्र को गुमराह कर दूसरे स्कूल भेज दिया गया, और जब तक वह भटककर वापस असली सेंटर पर पहुंचा, तब तक प्रवेश का निर्धारित समय समाप्त हो चुका था। इस बड़ी प्रशासनिक चूक के कारण पीड़ित छात्र का पूरा एक साल और भविष्य दांव पर लग गया है। व्यथित छात्र ने मामले की लिखित शिकायत एसडीएम से की है और अब न्याय के लिए माननीय उच्च न्यायालय (High Court) का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।

एडमिट कार्ड पर था केंद्रीय विद्यालय, गेट पर तैनात शख्स ने भेजा वेंकट-2
जिले के ग्रामीण अंचल से संघर्ष कर सतना शहर पहुंचे छात्र के साथ हुए इस घटनाक्रम की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
- सेमरी से आया था छात्र: सतना जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर सेमरी ग्राम का रहने वाला छात्र ध्रुव गौतम रविवार, 21 जून 2026 को नीट री-एग्जाम देने सतना पहुंचा था। उसके एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का नाम स्पष्ट अक्षरों में ‘पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 2 सतना’ अंकित था।
- गेट पर हुआ ब्लंडर: ध्रुव समय पर अपने निर्धारित केंद्र पर पहुंच गया था। लेकिन जैसे ही वह मुख्य गेट के अंदर जाने लगा, वहाँ एंट्रेंस गेट पर मौजूद चेकिंग स्टाफ के एक व्यक्ति ने उसका प्रवेश पत्र देखा और लापरवाही से कह दिया कि “तुम्हारा सेंटर यहाँ नहीं है, तुम शहर के वेंकट क्रमांक 2 स्कूल जाओ।”

दो सेंटरों के बीच फुटबॉल बना परीक्षार्थी; समय खत्म होने पर रो पड़ा अन्नदाता का बेटा
गेट पर तैनात व्यक्ति की बात को सच मानकर छात्र ध्रुव आनन-फानन में दौड़ते हुए वेंकट क्रमांक 2 विद्यालय पहुंचा:
- दूसरे सेंटर ने दुत्कारा: जब ध्रुव वेंकट-2 स्कूल पहुंचा, तो वहां के स्टाफ ने उसका एडमिट कार्ड देखकर साफ कह दिया कि उसका सेंटर यहाँ नहीं, बल्कि वापस केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 में ही है।
- टूट गया डॉक्टर बनने का सपना: वेंकट स्कूल से वापस जब ध्रुव भागते-भागते दोबारा पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 पहुंचा, तब तक एंट्री गेट बंद हो चुका था और परीक्षा हॉल के अंदर पेपर शुरू हो चुका था। ध्रुव गेट के बाहर गुहार लगाता रहा, लेकिन नियमों का हवाला देकर उसे अंदर नहीं जाने दिया गया।

एसडीएम ने केन्द्राध्यक्ष को सौंपी जांच; एनएसयूआई लड़ेगी हाईकोर्ट में लड़ाई
प्रशासनिक रुख और छात्र संगठन की चेतावनी —
“इस पूरे संवेदनशील मामले को लेकर पीड़ित छात्र ध्रुव गौतम ने सतना एसडीएम राहुल सिलाडिया को एक लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले पर बात करते हुए एसडीएम राहुल सिलाडिया ने कहा— ‘एक छात्र की परीक्षा छूटने की शिकायत मिली है, जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने गेट से दूसरे केंद्र भेज दिया था। हमने शिकायत केन्द्राध्यक्ष (Center Superintendent) को सौंप दी है, जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।’ वहीं दूसरी ओर, परीक्षा केंद्र के अंदर अधिकारियों के कथित फोटो सेशन पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में NSUI छात्र नेता आनंद पांडेय ने तीखा विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज होनी चाहिए। छात्र संगठन ध्रुव की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगा।”
सच्चाई जो भी हो, लेकिन इस घटना ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और स्थानीय जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है। सवाल यह उठता है कि परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ऐसे गैर-जिम्मेदार ‘अज्ञात’ व्यक्ति को किसने तैनात किया था, जिसे एडमिट कार्ड पढ़ना तक नहीं आता था? ध्रुव का साफ कहना है कि बिना किसी गलती के उसका पूरा साल बर्बाद हो चुका है और वह दोषियों को सजा दिलवाकर ही दम लेगा।






